एक नामी गिरामी फाइव स्टार होटल के पिछवाड़े का दृश्य है यह ! राम लखन बर्तन मांजते हुए टपकते पानी की आवाज सुन रहा था, पर उसके कान पास खड़े दो नौजवानों की बातों पर लगे थे। जो आई. आई. टी. के परिणामों की चर्चा कर रहे थे। लाल कमीज वाला छात्र कह रहा था- ' यार मैनें शहर के बेस्ट कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया पर फिर भी सफल नहीं हो पाया !'
काली शर्ट वाला बोला- ' क्या करें यार, मैं भी पास नहीं हो पाया, सुना है जो प्रथम आया है वो अपने शहर का ही है, तू जानता है उसे?'
'नहीं, पर सुना है कि एक होटल में अपने पिता जी के साथ बैरे का काम करता है ! यार ऐसे कैसे सलेक्ट हो जाते हैं ऐसे लोग?'
लाल शर्ट वाले ने सिगरेट सुलगाई और एक कश खींच कर अपने दोस्त को दिया। दोनों वहां से आगे बढ़ गए !
बर्तन मांजते हुए रामलखन अपने आप से कह रहा था- ' हां भाई मैं प्रथम आया हूं क्योंकि मेरे पिता की मेहनत और मां का सपना था कि मैं भी आई. आई. टी. की परीक्षा पास करूं, सो मैने कर ली ! अब बस उनका सपना साकार करना है।' नल बंद कर के राम लखन आत्मविश्वास से बर्तन उठा होटल के किचन की तरफ बढ़ गया।
काली शर्ट वाला बोला- ' क्या करें यार, मैं भी पास नहीं हो पाया, सुना है जो प्रथम आया है वो अपने शहर का ही है, तू जानता है उसे?'
'नहीं, पर सुना है कि एक होटल में अपने पिता जी के साथ बैरे का काम करता है ! यार ऐसे कैसे सलेक्ट हो जाते हैं ऐसे लोग?'
लाल शर्ट वाले ने सिगरेट सुलगाई और एक कश खींच कर अपने दोस्त को दिया। दोनों वहां से आगे बढ़ गए !
बर्तन मांजते हुए रामलखन अपने आप से कह रहा था- ' हां भाई मैं प्रथम आया हूं क्योंकि मेरे पिता की मेहनत और मां का सपना था कि मैं भी आई. आई. टी. की परीक्षा पास करूं, सो मैने कर ली ! अब बस उनका सपना साकार करना है।' नल बंद कर के राम लखन आत्मविश्वास से बर्तन उठा होटल के किचन की तरफ बढ़ गया।

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