Sunday, 25 September 2016

महत्वाकांक्षा भी बनती है श्रेष्ठ काम का जरिया


आप किसी काम को सर्वश्रेष्ठ तरीके से कब पूरा कर पाते हैं, जब  महत्वाकांक्षा होती है। यही सफलता का रास्ता होता है। महत्वाकांक्षाएं इंसान को सफल और महान बनाने में मदद करती हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे इंसान खुद विकसित कर सकता है और यह जन्म से मिली खूबियां और कमियां उसे आगे ले जाती हैं। आगें बढ़ने की प्रेरणा बनती हैं। कुछ लोगों में टैलेंट जन्मजात होता है। लेकिन अगर उनमें एम्बिशन नहीं है तो यह टैलेंट निखर नहीं पाएगा और बेकार ही जाएगा। एम्बिशन एक प्रक्रिया के तहत इंसान को आगे बढ़ाता है। इसके साथ कुछ चीजें समय के साथ-साथ अपने आप आती जाती हैं। जैसे महत्वाकांक्षा ही सीखने की जिज्ञासा पैदा करती है। जिज्ञासा से ज्ञान, हुनर और खुशी आती है। सीखने के लिए कोशिश करनी होती है, काम करना पड़ता है, इससे अनुभव आता है। अनुभव से समझ विकसित होती है और डिसिप्लिन आता है। डिसिप्लिन से इंसान फोकस करना सीखता है, उसमें चीजों को देखने का नजरिया विकसित होता है। फोकस करने से समर्पण आता है। ध्यान भटकता नहीं है और इसी से क्रिएटिविटी आती है, इमेजिनेशन से क्षमता विकसित होती है। इमेजिनेशन से इनोवशन  आता है। इस तरह एम्बिशन अपने साथ कई गुण लाता है, जो किसी को भी सफलता की और ले जा सकता है।

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