Monday, 12 September 2016

सफलता ऐसे पाई जाती है।


थॉमस अल्वा एडिसन एक महान वैज्ञानिक थे। उन्होंने 'बिजली का बल्ब' जैसा अविष्कार करके दुनिया को रोशन कर दिया। एडिसन बहुत ही मेहनती और जुझारू व्यक्ति थे। उन्हें बचपन में यह कहकर शिक्षक ने निकाल दिया था कि 'बच्चा मंदबुद्धि है' जिंदगी में कुछ नहीं कर पाएगा।'कहते हैं उन्होंने बल्ब का अविष्कार करने के लिए हजारों बार प्रयोग किये थे। इसी दरम्यान उनसे किसी ने पूछा कि, 'आपने करीब एक हजार प्रयोग किये लेकिन आपके सारे प्रयोग असफल रहे और आपकी मेहनत बेकार हो गई। क्या आपको दुःख नहीं होता?'एडिसन बोले 'मैं नहीं समझता कि मेरे एक हजार प्रयोग असफल हुए हैं। मेरी मेहनत बेकार नहीं गयी क्योंकि मैंने एक हजार प्रयोग करके यह पता लगाया है कि एक हजार तरीकों से बल्ब नहीं बनाया जा सकता।मेरा हर प्रयोग, बल्ब बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं अपने प्रत्येक प्रयास के साथ एक कदम आगे बढ़ता हूं। आखिरकार वह दिन आया जब एडिसन की मेहनत रंग लायी और उन्होंने आशा की किरण को बुझने नहीं दिया। हमें भी लगतार प्रयास करते रहना चाहिए कभी हार नहीं माननी चाहिए। सफलता हमेशा कोशिश करने वालों को ही मिलती है।

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