रतन टाटा की खाटी भारतीय कारोबारी समझ और नंदन निलेकणी की भविष्य परखने की क्षमता पर शायद ही किसी को शक हो। इन दोनों दिग्गजों के नाम कई उपलब्धियां हैं और अब वे इस साल के आखिरी तक माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र का चेहरा बदलने की शुरुआत करेंगे। रतन-नंदन की यह जोड़ी अपनी कंपनी अवंती फाइनेंस के जरिये स्मार्टफोन से गरीबों को छोटे कर्ज मुहैया कराएगी।
उम्मीद से भरा चोंकाने वाला कदम
छह साल पहले चौतरफा जांच के दायरे में रहे क्षेत्र में दोनों कारोबारियों की आमद चोंकती है, और उम्मीद भी जागती है। उम्मीद, की राजनीति और स्थानीय सत्ता केंद्रों की भेंट चढ़े सहकारिता आंदोलन की बाद संभवतः निलेकणी की डिजिटल छोंक और रतन टाटा का अनुभव ग्रामीण भारत को आसानी से पैसा मुहैया करा सकेगा। वहीँ चोंकाने वाली बात, कि सौ साल से ज्यादा के वैश्विक इतिहास में माइक्रोफाइनेंस कभी मुनाफे का कारोबार नहीं रहा है। ऐसे में दो साल से स्टार्टअप निवेश में दिलचस्पी ले रहे टाटा एमएफआई ला रहे हैं तो इसके पीछे ठोस कारोबारी वजह होगी। वहीं निलेकणी किसी भी योजना की शुरुआत सफलता की गारंटी के साथ करने के लिए पहचाने जाते हैं। रतन-निलेकणी की जोड़ी के आगमन के बाद इस क्षेत्र की सूरत बदलना तय है। अवंती की शुरुआत के पीछे औपचारिक वजह क्षेत्र में सुधार की संभावना ही बताया गया है। खुद निलेकणी ने कहा कि भारत में जो लोग सही मायनों में लोन के हकदार हैं, उन्हें यह नहीं मिलता है। लेकिन अब तकनीक के माध्यम से इसे संभव बनाया जा सकता है।
तकनीकी गरीबी से लड़ाई
सात साल से देश को डिजिटल बनाने की मुहिम के अहम् हिस्से रहे नंदन निलेकणी मानते हैं कि देश डेटा-गरीबी से डेटा-अमीरी की और जा रहा है और यह बदलाव का दौर है। यानी यह ऐसा वक्त है जब गरीबी महज आर्थिक नहीं है, बल्कि यह तकनीक की भी है। निलेकणी मानते हैं कि माइक्रोफाइनेंस के जरिये ग्रामीण भारत की तकनीकी गरीबी दूर की जा सकती है।
क्या है माइक्रोफाइनेंस
मूल रूप से माइक्रोफाइनेंस इकाइयां स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लोन उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा वे किसानों, छोटे व्यापारियों आदि को छोटे लोन उपलब्ध कराती हैं। स्वयं सहायता समूहों को भी इनके माध्यम से कर्ज उपलब्ध कराया जाता है। इसका मूल उददेश्य कर्ज उपलब्ध कराकर सामाजिक बदलाव में हिस्सेदारी है। खासकर महिलाओं के आर्थिक हालात बेहतर बनाना इसका उददेश्य है।
यूं मिलेगा मोबाइल पर कर्ज
1 लोन लेने वाला अपने नजदीकी एजेंट से संपर्क करेगा।
2 एजेंट लोन की प्रक्रिया को ऑनलाइन भरेगा।
3 स्मार्टफोन रजिस्टर्ड होगा। नहीं है, तो एजेंट का फ़ोन इस्तेमाल करेगा।
4 अंगूठे के निशान लिए जाएंगे।
5 वेरिफिकेशन कोड मिलेगा।
6 पूरा होने पर सम्बन्धित व्यक्ति के खाते में पैसा आ जाएगा।


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