Monday, 5 September 2016

इनके कुशल नेतृत्व से मिली थी चेचक से जंग में जीत

क्लासिक किरदार 



डोनाल्ड हेंडरसन
जन्म: 7 सितम्बर 1928
निधन: 19 अगस्त 2016
अमरीका के ओहियो में जन्मे हेंडरसन के पिता इंजीनयर व मां नर्स थीं। चाचा विलियम मैकमिलन की प्रेरणा से उन्होंने चिकित्सा जगत में कॅरियर बनाने का फैसला किया। 1950 में ग्रेजुएशन व 1954 में रॉचेस्टर स्कूल ऑफ मेडिसिन से एमडी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद न्यूयॉर्क के मेरी इमोजी बेसेंट हॉस्पिटल में रेजिडेंट फिजिशियन के रूप में कार्य करने लगे।
1960-65 के बीच सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में पब्लिक हैल्थ सर्विस ऑफिसर के रूप में काम करने लगे। उन्होंने वेस्टर्न व सेंट्रल अफ्रीका के करीब 18 देशों से चेचक खत्म करने को यूनाइटेड स्टेट्स एंड फॉर इंटरनेशनल डवलपमेंट(यूएसएआईडी) के लिए प्रपोजल बनाया। जब विश्व स्वस्थ्य संगठन ने दुनिया से चेचक को समाप्त करने के लिए 1967 में दस साल का अभियान शुरू किया, तो हेंडरसन की काबिलियत को देखकर उन्हें इसका डायरेक्टर बनाया गया। उस समय चेचक से ब्राजील, अफ्रीका और साउथ एशिया के 30 देशों में सालाना करीब बीस लाख लोग जान गवां रहे थे। हेंडरसन ने अभियान की कमान संभालते ही मरीजों की निगरानी के साथ रिंग वैक्सीनेशन शुरू करवाया। 70 देशों में करीब 2 लाख मेडिकल वर्कर को अभियान से जोड़ा। उनके अथक प्रयास से 1980 तक इस महामारी पर जीत मिली। 1991 से 93 के बीच अमरीका के राष्ट्रपति के एग्जिक्यूटिव ऑफिस में सेवा दे चुके हेंडरसन अंतिम समय जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ में एमेरिटस प्रोफेसर व डीन थे।
खास: चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हेंडरसन को बर्ष 2002 में अमरीका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रेसिडेंशियल मैडल फॉर फ्रीडम से सम्मानित किया गया। वर्ष 2013 में वे रिपब्लिक ऑफ चीन के नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ ब्रिलियंट स्टार से नवाजे गए। बीते दिनों मेरीलैंड में उनका निधन हो गया।

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