Wednesday, 7 September 2016

समस्याओं से भागें नहीं

समस्याओं से भागें नहीं




कौशाम्बी नरेश की महारानी भगवान बुद्ध से घृणा करती थी। एक बार जब भगवान बुद्ध कौशाम्बी आए तो महारानी ने उन्हें परेशान और अपमानित करने के लिए कुछ विरोधियों को उनके पीछे लगा दिया।

  गौतम बुद्ध के शिष्य आनंद उनके साथ हमेशा रहते थे। जोकि गौतम बुद्ध के प्रति इस खराब व्यवहार से दुखी हो गए। परेशान होकर आंनद ने भगवान बुद्ध से कहा, 'भगवान' ये लोग हमारा अपमान करते हैं। क्यों न शहर को छोड़कर कहीं और चल दें?

  भगवान बुद्ध ने आनंद से प्रश्न किया, 'कहां जाएं?' आनंद ने कहा, 'किसी दूसरे शहर जहां इस तरह के लोग न हों। तब गौतम बुद्ध बोले 'अगर वहां भी लोगों ने ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया तो?' शिष्य आनंद बोला ' तो फिर वहां से भी किसी दूसरे शहर की और चलेंगे और फिर वहां से भी किसी दूसरे शहर।'

  तथागत ने गंभीर होकर कहा, ' नहीं आनंद, ऐसा सोचना ठीक नहीं है। जहां कोई मुश्किल पैदा हो, कठिनाईयां आएं, वहीं डटकर उनका मुकाबला करना चाहिए। वहीं उनका समाधान किया जाना चाहिए। जब वे हट जाएं तभी उस स्थान को छोड़ना चाहिए।'

    ध्यान रखो मुश्किलों को वहीं छोड़कर आगे बढ़ना, पलायन है, किसी समस्या का हल नहीं। हर समस्या का निदान समस्या से भागना नहीं होता बल्कि उस समस्या को जड़ से खत्म कर आगे बढ़ना होता है। 

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