वैसे तो देशभर से कई छात्र हर वर्ष विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करते हैं, लेकिन चेन्नई के जयवेल उन छात्रों से बहुत अलग हैं। दरअसल 22 वर्षीय जयवेल ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का एंट्रेन्स एग्जाम पास किया है। इसकी बदौलत जयवेल को यहां परफॉर्मेंस कार एन्हेंस्मेंट इंजीनियरिंग में एडमिशन मिल गया है। अब वे यूनिवर्सिटी में रेसिंग कार की क्षमता बढ़ाने वाली तकनीक सीखेंगे। हालांकि यहां तक पहुंचने के लिए जयवेल ने कड़ा संघर्ष किया है। जयवेल के पिता इस दुनिया में नहीं हैं और उनकी माँ को भी शराब की लत है। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। एक समय ऐसा था जब जयवेल ने भीख मांगकर अपना घर चलाया।
जयवेल की किस्मत ने करवट ली जब सुयम चैरिटेबल ट्रस्ट के उमा व मथुरमन की नजर उस पर पड़ी। इस दंपती ने फुटपाथ पर जयवेल को देखा तो लगा कि इसके लिए कुछ करना चाहिए। उन्होंने जयवेल के परिवार से बात की तो उन्होंने मना कर दिया।
जयवेल के परिवार की गलतफहमी दूर करते हुए दंपती ने जयवेल को 1999 में अपनी कस्टडी में लिया। जयवेल ने उनकी मदद से इंटरमीडिएट में अच्छे अंकों से पास होकर दिखाया। इसके कारण उसे फंडिंग मिली। उसने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के लिए एंट्रेन्स एग्जाम दिया और सफलता मिल गई। उमा का ट्रस्ट अब तक 17 लाख रुपए कर्जा जयवेल को लन्दन भेजने के लिए ले चुका है।

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