बोइंग 747 जंबो जेट बनाने वाले जोए सूटर का बुधवार को अमेरिका में निधन हो गया। वे 95 साल के थे। हाल ही में उन्हें निमोनिया होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे ठीक भी हो रहे थे कि अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और वे चल बसे। जोए सूटर का जन्म 1921 में अमरीका के सिएटल में हुआ था।
1969 में बोइंग 747 ने पहली उड़ान भरी
1970 में कमर्शियल उड़ान पर निकला
2007 तक सबसे बड़ा यात्री विमान बना रहा
1970 में कमर्शियल उड़ान पर निकला
2007 तक सबसे बड़ा यात्री विमान बना रहा
द्वितीय विश्वयुद्ध में भाग लिया
जोए अमरीकी नौसेना में थे और उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध में भी हिस्सा लिया था। 1946 में वे यह जॉब नहीं करना चाहते थे, लेकिन इसी समय उनकी पत्नी नैंसी ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। परिवार के पालन-पोषण के लिए उन्होंने मन मारकर छोटे हवाईजहाज बनाने की नौकरी शुरू की।
50 हजार लोग, रोज का खर्च 5 करोड़
जोए सूटर ने अपनी 50 हजार लोगों की टीम (मैकेनिक, इंजिनियर और प्रशासक) के साथ उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े जहाज को केवल 29 महीने में बनाया था, जिसका खर्च 5 करोड़ रूपए प्रतिदिन था। खर्च इतना बढ़ गया था कि लगने लगा था कि जोए दिवालिये हो सकते हैं, लेकिन धुन के पक्के जोए ने हार नहीं मानी और दुनिया का सबसे बड़ा विमान बना ही दिया।
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