ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितम्बर 1820 में हुआ था। वे दार्शनिक, लेखक, अनुवादक और महान समाज सुधारक थे। अपनी उच्च कोटि की विद्वता के कारण ही उनको विद्यासागर कि उपाधि दी गई। विधवा पुनर्विवाह कानून 1856 को पारित करवाने में इनकी अहम् भूमिका थी। अपने इकलौते पुत्र का विवाह भी विधवा से कराकर उन्होंने समाज को जागरूक किया। बांग्ला पढ़ाने के लिए उन्होंने बंगाल में सैकड़ों रात्रिकालीन स्कूल भी स्थापित किए। संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए भी उन्होंने काम किया। उनका 29 जुलाई, 1899 को निधन हो गया।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...
-
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...
-
सावन के मौसम रक्षा बंधन पर बैंगनी-नीले रंग का सुंदर फूल खिलता है। जो देखने में बिल्कुल राखी की तरह होता है। इसलिए इसे राखी फूल भी कहा जाता ...
-
Historical Outline Nestled in the Vindhyachal range and situated in the Bundelkhand region of Madhya Pradesh, the town of Chanderi is compos...

No comments:
Post a Comment