Sunday, 4 September 2016

जो पढ़े बच्चों का मन, हो वही अध्ययन


आज 5 सितम्बर शिक्षक दिवस है। शिक्षा जीवन के लिए तैयारी नहीं। शिक्षा का उद्देश्य आइनों को खिड़कियों में परिवर्तित करना यानी रुकावटों को अवसरों मैं तब्दील करना है। हमारे देश में दुनियाभर में सबसे अधिक युवा हैं। नए लक्ष्यों को पाने की असीम ऊर्जा से भरे हैं हम। हमारी शिक्षा पद्धति ऐसी हो कि प्रत्येक बच्चे में श्रेष्ठ मानवीय गुणों का बीजारोपण करें। हमारे देश में कई। महान शिक्षकों ने समय-समय पर पीढ़ियों को दिशा दी है। समय है शिक्षा से सम्पूर्ण व्यक्तितव की नई सोच और लक्ष्य का। शिक्षक भी बदलते युग में प्रयोगधर्मिता अपनाएं। बच्चों का परखे मन और वही अध्ययन कराएं। इससे लिख सकेंगे हम नई इबारत। आइए, साक्षात् करें शिक्षा के कल, आज और कल का।

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