माना कि शरीर को तरह-तरह के विटामिंस की जरुरत होती है और पर्याप्त मात्रा में उनका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। लेकिन अपने मन से टैबलेट खरीदकर मनचाही मात्रा में इनका सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विटामिन ए
हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि पुरुषों को 900 माइक्रोग्राम और महिलाओं को 700 माइक्रोग्राम प्रतिदिन से अधिक विटामिन ए नहीं लेना चाहिए। अधिक मात्रा में विटामिन ए लेने से बोन मिनरल डेंसिटी कम हो जाती है और फ्रेक्चर का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि बीटा कैरोटिन का ओवरडोज (जो शरीर में विटामिन ए में तब्दील हो जाता है) स्मोकर्स में फेंफड़े के कैंसर और कॉर्डियोवेस्कुलर डिजीज का सबब बन सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि पुरुषों को 900 माइक्रोग्राम और महिलाओं को 700 माइक्रोग्राम प्रतिदिन से अधिक विटामिन ए नहीं लेना चाहिए। अधिक मात्रा में विटामिन ए लेने से बोन मिनरल डेंसिटी कम हो जाती है और फ्रेक्चर का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि बीटा कैरोटिन का ओवरडोज (जो शरीर में विटामिन ए में तब्दील हो जाता है) स्मोकर्स में फेंफड़े के कैंसर और कॉर्डियोवेस्कुलर डिजीज का सबब बन सकता है।
विटामिन ई
शोधकर्ताओं में प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा में विटामिन ई की भूमिका पर अध्ययन करते वक्त पाया कि बाजार में टैबलेट खरीद कर मनमाने तरीके से विटामिन ई लेने से जोखिम घटने की बजाय 17 फीसदी बढ़ जाता है। इससे पहले एक रिसर्च में पाया गया कि विटामिन ई सप्लीमेंट्स का सेवन मृत्यु की दर बढ़ा सकता है। एक अन्य रिसर्च में इसकी ओवरडोज से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ना पाया गया।
शोधकर्ताओं में प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा में विटामिन ई की भूमिका पर अध्ययन करते वक्त पाया कि बाजार में टैबलेट खरीद कर मनमाने तरीके से विटामिन ई लेने से जोखिम घटने की बजाय 17 फीसदी बढ़ जाता है। इससे पहले एक रिसर्च में पाया गया कि विटामिन ई सप्लीमेंट्स का सेवन मृत्यु की दर बढ़ा सकता है। एक अन्य रिसर्च में इसकी ओवरडोज से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ना पाया गया।

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