एक मेंढक अपने रास्ते जा रहा था, तभी एक सांप अचानक से उसके सामने आ गया। सांप को सामने देख कर मेंढक ने तो आँखे ही बंद कर लीं। तभी उसके दिमाग में एक तरकीब आई। सांप को आगे बढ़ता हुआ देख कर उसकी धड़कन बढ़ गई, फिर भी हिम्मत कर के उसने सांप से निवेदन किया की अगर वो साबित कर दे कि सांप से जहरीला मेंढक होता है, तो क्या सांप उसको छोड़ देगा। सांप को लगा की मरना तो इसको है ही देख लेता हूं, ये कैसे साबित करता है।
तभी मेंढक ने कहा कि जैसा में बोलूं वही करना। सांप ने सहमति में सर हिला दिया। मेंढक ने सांप से कहा मैं झाड़ियों में छुप जाऊँगा, जब कोई इंसान यहाँ से गुजरेगा तुम उसको काटना और छुप जाना मैं झाड़ियों से बाहर निकल आऊंगा और टर्र-टर्र की आवाज निकलूंगा। और वो इंसान समझेगा की मेंढक ने काटा है, उसको कुछ नहीं होगा। और फिर थोडा आगे चल कर फिर उसको में काटूँगा और तुम बाहर आ जाना वो मर जाएगा।
सांप को लगा मेंढक खुद को बचाने के लिए वेबकुफी भरी बातें कर रहा है। चलो इसको भी आजमा लेते हैं। तभी एक व्यक्त्ति वहां से गुजर रहा था। योजना के अनुसार मेंढक छुप गया। सांप ने उस व्यक्त्ति के पैर पर काटा और तुरंत छुप गया। तभी मेंढक बाहर आ कर टर्र-टर्र करने लगा। व्यक्त्ति ने मेंढक को देखा तो उसको लगा अरे मेंढक ने काटा है, कुछ बात नहीं कह कर आगे बढ़ गया। व्यक्त्ति को कुछ नहीं हुआ, सांप ने देखा तो आश्चर्यचकित रह गया। और मन ही मन सोचने लगा कि मैं इतना जहरीला हूँ, कितने ही लोगों को अपने जहर से मारा है मैंने। इस इंसान को तो तुरंत मर जाना था, परंतु ये तो मजे से चल कर जा रहा है।
तभी मेंढक ने कहा देखा मेरी बात सच हुई ना। सांप ने कहा ठीक है- ठीक है। चलो अब आगे क्या करना है, मेंढक बोला चलो अब आगे चल कर तुम झाड़ियो में छुप जाओ और मैं उसको काटता हूँ। ठीक है कहकर दोनों आगे बढ़ चले। व्यक्त्ति के पास पहुँच कर सांप छुप गया एवं मेंढक ने व्यक्त्ति को काटा और तुरंत झाड़ियों में छुप कर सांप को आगे आने का इसारा कर दिया। सांप तुरंत आगे आ गया, सांप को सामने देख कर व्यक्त्ति तुरंत घबराहट की बजह से मर गया। उसको लगा कि सांप ने काट लिया। सांप के आश्चार्य का ठिकाना न रहा उसको लगा की मेंढक के काटने से मर गया और मेरे काटने से कुछ नहीं हुआ। मेंढक की जीत हुई और वो सांप से दूर चला गया। इस तरह वह अपनी जान बचा पाने में सफल रहा।
उस व्यक्त्ति की मौत पूर्वाग्रह से हुई। हममे से बहुत से लोग इसी तरह पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं। पूर्वाग्रह के कारण ही हम सच्चाई जानना ही नहीं चाहते, और फैसले ले लेते हैं।

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