ज्यादातर साबुन, डिसइंफेक्टेन्ट, फ्लोर और टॉयलेट क्लीनर्स में ऐसे खतरनाक रसायन पाये जाते हैं जो लम्बे समय तक शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बनते हैं। हम सफाई के लिए जितने ज्यादा केमिकल उत्पाद प्रयोग में लाते हैं, शरीर और पर्यावरण को उतना ही ज्यादा खतरा बढ़ता है। एक शोध के अनुसार, कमरे को खुशबूदार बनाने के लिए इन तमाम तरह के एयर फ्रेशनर में पी-डाई क्लोरोबेंजीन और इथेनॉल का ज्यादा इस्तेमाल होता है जिससे कैंसर का खतरा हो सकता है। इनसे बचने के लिए जितना हो सके कुदरती चीजों से बने हर्बल प्रोडक्ट्स को काम में लें।
कुदरत के साथ सेहत भी
प्राकृतिक वस्तुओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर न केवल हम कुदरत को बचा सकते हैं बल्कि अपनी सेहत को संवार सकते हैं।


No comments:
Post a Comment