एक धोबी के पास एक गधा था। धोबी गधे के साथ आस-पास ढुलाई का काम करता था। एक बार धोबी गधे के साथ पास के गांव में जा रहा था। अचानक गधा एक गड्ढे में गिर गया। धोबी ने उसको निकालने का बहुत प्रयास किया, गधे ने भी पूरी कोशिश की और अंत में थक हार कर प्रयास करना छोड़ दिया। गधे के हिम्मत हारते ही धोबी ने सोचा की इसको यहीं पर दफनाना पड़ेगा, और उस पर मिट्टी डालना चालू कर दिया। तभी धोबी को देख कर आस-पास के लोग भी गधे पर मिट्टी डालने लगे। गधा समझ गया की अब उसको दफनाया जा रहा है। और निराश हो गया, तभी अचानक उसने अपने पीठ पर जमी मिट्टी को झटके से नीचे किया। जितनी भी बार मिट्टी उसके ऊपर आती वो झटकारते हुए मिट्टी के ऊपर आ जाता। हर बार प्रयास करने से कुछ समय बाद वो गड्ढे के भरने से ऊपर आ गया। और छलांग लगा कर गड्ढे से बहार आ गया। और उसकी जान बच गई। इसी प्रकार हमारे जीवन में भी परेशानियां आती हैं, या यूँ कहें की जीवन की कठिनाईयां हमारे जीवन में मिट्टी की तरह हमारे ऊपर इस लिए आती हैं,जिससे की वो हमको हरा कर दफना सकें। पर हम को भी निरंतर प्रयास करते हुए,उनसे उबर कर निकलना जरुरी है। जितना ही हम प्रयास करेंगे हम परेशनियों पर विजय हांसिल करेंगे। और परेशानियां कभी भी एक सी नहीं रहतीं, अलग-अलग रूप में आती-जाती रहती हैं। हर व्यक्त्ति के जीवन में अलग-अलग परेशानियां हैं। अगर हम उनसे थक-हार कर बैठ जायेंगे तो कभी भी उनसे ऊपर नहीं आ पाएंगे। जीवन हमें यही सिखाता है, कि निरंतरता बनाये रखें। रुक-थक गए तो जीवन खत्म। जीवन के अंतिम क्षण तक संघर्ष करो और जो मिट्टी या परेशानियां हम पर फेंकी जा रही हैं, उनका डट कर सामना करो, तभी जीवन सफल होगा।
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