Wednesday, 12 October 2016

तीन साधु


एक बार की बात है, एक घर पर तीन साधुओं ने दस्तक दी एक महिला घर से बाहर आई। महिला ने सामने तीन साधुओं को देखा तो प्रणाम करके आने का कारण पूछा। साधुओं ने कहा की हम रास्ते से गुजर रहे थे। हमने सोचा की कुछ भोजन कर लिया जाए इस लिए आ गए। महिला ने कहा अभी मेरे पति काम पर गए हुए हैं, फिर भी मैं आप लोगों के भोजन का प्रबंध करती हूँ। तब तक आप घर में आराम कीजिए।
साधुओं ने कहा जब तक तुम्हारा पति नहीं आ जाता हम बाहर ही बैठे हैं। कुछ समय बाद पति के आते ही दोनों ने साधुओं को पुनः घर में आने को कहा, साधुओं ने कहा कि हम एक साथ अंदर नहीं आते। पति-पत्नी ने जिज्ञासा पूर्वक पूछा ऐसा क्यों, बीच में खड़े साधु ने बताया कि मेरे दायें तरफ खड़े साधु का नाम 'धन' और बाएं तरफ खड़े साधु का नाम 'सफलता' है। मेरा नाम 'प्रेम' है। अब आप लोग विचार-विमर्श करके बताएं की हम तीनों में से किसको बुलाना चाहते हैं। दोनों की चर्चा चल रही थी, पति ने कहा की धन को बुला लेते हैं। उसके बाद हम को कभी धन की कमी नहीं होगी। फिर सोच कर पति ने बोला की सफलता को बुलाना भी सही रहेगा, क्योंकि सफलता से भी धन प्राप्त किया जा सकता है। तभी पत्नी ने सोच-विचार कर कहा की प्रेम को बुलाना सही रहेगा क्यों की जहाँ प्रेम होता है वहां सफलता और धन अपने आप आ जाते हैं। इस प्रकार पत्नी की सूझबूझ से तीनो साधु उनके घर में प्रवेश कर गए और भोजन पश्चात आशीर्वाद दिया।

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