प्रख्यात शायर जिगर मुरादाबादी बहुत ही उदार और दयालु थे। किसी की मदद करने का कोई मौका वह नहीं छोड़ते थे। अपने इस स्वाभाव के चलते वह काफी लोकप्रिय थे और लोग उन्हें सम्मान देते थे। एक बार वह अपने मित्र के साथ कहीं जा रहे थे। जिगर साहब के दोस्त ने देखा कि एक शख्स उन्हें देख कर ऑंखें चुरा रहा है और मुंह छिपाने की कोशिश कर रहा है। दोस्त ने कहा, 'हजरत! माजरा क्या? वह आदमी आपको देख कर इस तरह झेंप क्यों रहा था? और ऑंखें क्यों चुरा रहा था?' जिगर मुरादाबादी बोले, 'अच्छी तरह जानता हूँ उसे। हकीकत यह है कि एक दिन इस आदमी ने मेरी जेब से पैसे चुराए थे। इसलिए मुझे पहचान कर झेंप रहा था।' इस पर मित्र ने कहा,' जब तुम्हें पता चल गया कि यह वही है तो तुमने मुझे बताया क्यों नहीं? मैं उसकी खबर लेता।' जिगर ने हंस कर कहा 'अरे भाई, उसकी खबर लेने के लिए मैं गया था उसके घर। पर वहां जो देखा, उसे बयान करना मुश्किल है। क्या बताऊँ, उसके घर की हालत बहुत खराब थी। उसके बीवी-बच्चों के पास खाने को कुछ नहीं था। अब तुम ही बताओ, मैं क्या करता। मैं चुपचाप वहां से लौट आया।' दोस्त यह सुनकर अवाक रह गया। उसके भीतर मुरादाबादी के लिए थोड़ी और इज्जत बढ़ गई।
Thursday, 3 November 2016
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...
-
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...
-
सावन के मौसम रक्षा बंधन पर बैंगनी-नीले रंग का सुंदर फूल खिलता है। जो देखने में बिल्कुल राखी की तरह होता है। इसलिए इसे राखी फूल भी कहा जाता ...
-
Historical Outline Nestled in the Vindhyachal range and situated in the Bundelkhand region of Madhya Pradesh, the town of Chanderi is compos...

No comments:
Post a Comment