अगर मोबाइल पर देर तक बातें करने की आदत है तो सावधान हो जाइए। ये आपको कई तरह के रोग देने के अलावा कैंसर का कारण भी बन सकती है। हाल ही अमरीकी सरकार द्वारा चलाए जा रहे नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम के तहत हुई रिसर्च में यह बात सामने आई है।
शोध में हुआ साबित
मोबाइल के नकारात्मक प्रभाव का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने चूहे पर इसका परिक्षण किया। रिसर्च के दौरान चूहे को मोबाइल की रेडियो फ्रीक्वेंसी के बीच रखा गया। रिसर्च में इनके दिमाग और हृदय में ट्यूमर मिले। वहीं ऐसे चूहे जिन्हें रेडियो फ्रीक्वेंसी से दूर रखा गया वे सामान्य स्थिति में मिले। नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम के रिसर्च के बाद शायद अब लोग लंबी बातें करना बंद कर देंगे। क्योंकि ज्यादातर लोगों का कहना है कि इससे कोई नुकसान नहीं होता।
डीएनए होता है प्रभावित
वहीं एक अन्य शोध में सामने आया कि मोबाइल पर लंबी बातचीत कोशिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। शोधकर्ता यानिव हमजानी का कहना है कि उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों की लार पर रिसर्च की। जिसमें सामने आया कि ऐसे लोगों में कोशिकाओं में उत्पन्न होने वाला तनाव डीएनए को प्रभावित करने के अलावा कैंसर का भी कारण बनता है।
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