सुंदरता और भद्दापन एक दिन सागर किनारे मिल गए। आपस में बोले, 'चलो नहाते हैं।' उन्होंने कपड़े उतारे और पानी में उतार गए। कुछ देर बाद भद्दापन किनारे पर आया। उसने सुंदरता के कपडे पहने और चला गया। सुंदरता भी सागर से बहार आयी। उसे अपने कपड़े नहीं मिले। अपने नंगेपन पर उसे शर्म आने लगी। इसलिए उसने भद्दापन के कपड़े उठाए और पहनकर अपने रास्ते चली गयी। उसी दिन से लोग दूसरे जैसा दिखने की गलती करते हैं।
Tuesday, 13 December 2016
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सांपों के देश में एक ऐसा नेवला
सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...
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