Saturday, 12 August 2017

सबसे पहले अपने लिए जीना सीखिए...


दो खबरों पर जरा नजर डालिए।
1- 12 हजार करोड़ रुपये की मलकियत वाले रेमंड ग्रुप के मालिक विजयपत सिंघानिया पैदल हो गए। बेटे ने पैसे-पैसे के लिए मोहताज कर दिया।
2- करोड़ों रुपये के फ्लैट्स की मालकिन आशा साहनी का मुंबई के उनके फ्लैट में कंकाल मिला। 
विजयपत सिंघानिया और आशा साहनी, दोनों ही अपने बेटों को अपनी दुनिया समझते थे। पढ़ा-लिखाकर योग्य बनाकर उन्हें अपने से ज्यादा कामयाबी की बुलंदी पर देखना चाहते थे। हर मां, हर पिता की यही इच्छा होती है। विजयपत सिंघानिया ने यही सपना देखा होगा कि उनका बेटा उनकी विरासत संभाले, उनके कारोबार को और भी ऊंचाइयों पर ले जाए। आशा साहनी और विजयपत सिंघानिया दोनों की इच्छा पूरी हो गई। आशा का बेटा विदेश में आलीशान जिंदगी जीने लगा, सिंघानिया के बेटे गौतम ने उनका कारोबार संभाल लिया, तो फिर कहां चूक गए थे दोनों। क्यों आशा साहनी कंकाल बन गईं, क्यों विजयपत सिंघानिया 78 साल की उम्र में सड़क पर आ गए। मुकेश अंबानी के राजमहल से ऊंचा जेके हाउस बनवाया था, लेकिन अब किराए के फ्लैट में रहने पर मजबूर हैं। तो क्या दोषी सिर्फ उनके बच्चे हैं..?
अब जरा जिंदगी के क्रम पर नजर डालें। बचपन में ढेर सारे नाते रिश्तेदार, ढेर सारे दोस्त, ढेर सारे खेल, खिलौने..। थोड़े बड़े हुए तो पाबंदियां शुरू। जैसे जैसे पढ़ाई आगे बढ़ी, कामयाबी का फितूर, आंखों में ढेर सारे सपने। कामयाबी मिली, सपने पूरे हुए, आलीशान जिंदगी मिली, फिर अपना घर, अपना निजी परिवार। हम दो, हमारा एक, किसी और की एंट्री बैन। दोस्त-नाते रिश्तेदार छूटे। यही तो है शहरी जिंदगी। दो पड़ोसी बरसों से साथ रहते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते हैं एक-दूसरे का। क्यों जानें, क्या मतलब है। हम क्यों पूछें..। फिर एक तरह के डायलॉग-हम लोग तो बच्चों के लिए जी रहे हैं।
मेरी नजर में ये दुनिया का सबसे घातक डायलॉग है-'हम तो अपने बच्चों के लिए जी रहे हैं, बस सब सही रास्ते पर लग जाएं।' अगर ये सही है तो फिर बच्चों के कामयाब होने के बाद आपके जीने की जरूरत क्यों है। यही तो चाहते थे कि बच्चे कामयाब हो जाएं। कहीं ये हिडेन एजेंडा तो नहीं था कि बच्चे कामयाब होंगे तो उनके साथ बुढ़ापे में हम लोग मौज मारेंगे..? अगर नहीं तो फिर आशा साहनी और विजयपत सिंघानिया को शिकायत कैसी। दोनों के बच्चे कामयाब हैं, दोनों अपने बच्चों के लिए जिए, तो फिर अब उनका काम खत्म हो गया, जीने की जरूरत क्या है।
आपको मेरी बात बुरी लग सकती है, लेकिन ये जिंदगी अनमोल है, सबसे पहले अपने लिए जीना सीखिए। जंगल में हिरन से लेकर भेड़िए तक झुंड बना लेते हैं, लेकिन इंसान क्यों अकेला रहना चाहता है। गरीबी से ज्यादा अकेलापन तो अमीरी देती है। क्यों जवानी के दोस्त बढ़ती उम्र के साथ छूटते जाते हैं। नाते रिश्तेदार सिमटते जाते हैं..। करोड़ों के फ्लैट की मालकिन आशा साहनी के साथ उनकी ननद, भौजाई, जेठ, जेठानी के बच्चे पढ़ सकते थे..? क्यों खुद को अपने बेटे तक सीमित कर लिया। सही उम्र में क्यों नहीं सोचा कि बेटा अगर नालायक निकल गया तो कैसे जिएंगी। जब दम रहेगा, दौलत रहेगी, तब सामाजिक सरोकार टूटे रहेंगे, ऐसे में उम्र थकने पर तो अकेलापन ही हासिल होगा।
इस दुनिया का सबसे बड़ा भय है अकेलापन। व्हाट्सएप, फेसबुक के सहारे जिंदगी नहीं कटने वाली। जीना है तो घर से निकलना होगा, रिश्ते बनाने होंगे। दोस्ती गांठनी होगी। पड़ोसियों से बातचीत करनी होगी। आज के फ्लैट कल्चर वाले महानगरीय जीवन में सबसे बड़ी चुनौती तो ये है कि खुदा न खासता आपकी मौत हो गई तो क्या कंधा देने वाले चार लोगों का इंतजाम आपने कर रखा है..? जिन पड़ोसियों के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगा रखा था, जिन्हें कभी आपने घर नहीं बुलाया, वो भला आपको घाट तक पहुंचाने क्यों जाएंगे..?
याद कीजिए दो फिल्मों को। एक अवतार, दूसरी बागबां। अवतार फिल्म में नायक अवतार (राजेश खन्ना) बेटों से बेदखल होकर अगर जिंदगी में दोबारा उठ खड़ा हुआ तो उसके पीछे दो वजहें थीं। एक तो अवतार के दोस्त थे, दूसरे एक वफादार नौकर, जिसे अवतार ने अपने बेटों की तरह पाला था। वक्त पड़ने पर यही लोग काम आए। बागबां के राज मल्होत्रा (अमिताभ बच्चन) बेटों से बेइज्जत हुए, लेकिन दूसरी पारी में बेटों से बड़ी कामयाबी कैसे हासिल की, क्योंकि उन्होंने एक अनाथ बच्चे (सलमान खान) को अपने बेटे की तरह पाला था, उन्हें मोटा भाई कहने वाला दोस्त (परेश रावल) था, नए दौर में नई पीढ़ी से जुड़े रहने की कूव्वत थी। 
विजयपत सिंघानिया के मरने के बाद सब कुछ तो वैसे भी गौतम सिंघानिया का ही होने वाला था, तो फिर क्यों जीते जी सब कुछ बेटे को सौंप दिया..? क्यों संतान की मुहब्बत में ये भूल गए कि इंसान की फितरत किसी भी वक्त बदल सकती है। जो गलती विजयपत सिंघानिया ने की, आशा साहनी ने की, वो आप मत कीजिए। रिश्तों और दोस्ती की बागबानी को सींचते रहिए, ये जिंदगी आपकी है, बच्चों की बजाय पहले खुद के लिए जिंदा रहिए। आप जिंदा रहेंगे, बच्चे जिंदा रहेंगे। अपेक्षा किसी से भी मत कीजिए, क्योंकि अपेक्षाएं ही दुख का कारण हैं।

Sunday, 23 July 2017

राखी फूल

सावन के मौसम रक्षा बंधन पर बैंगनी-नीले रंग का सुंदर फूल खिलता है।
 जो देखने में बिल्कुल राखी की तरह होता है। इसलिए इसे राखी फूल भी कहा जाता है।
इस फूल का बॉटनिकल नेम पेशन फ्लावर है, जिसे घड़ी जैसा दिखने की वजह से क्लॉक फ्लावर भी कहते हैं।
इसे पांडव कौरव फूल के नाम से भी जाना जाता है।

सुंदरता के साथ यह फूल कई गुण भी समेटे हुए है।
इसका उपयोग अनिद्रा, हिस्टीरिया, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा आदि बीमारियां दूर करने की दवा बनाने में किया जाता है।

Friday, 3 February 2017

L.P.G.गैस सिलेण्डर की भी "एक्सपायरी डेट" होती है...


अपने परिवार की सुरक्षा के लिए 2 मिनिट का समय
निकाल कर इसे अवश्य पढ़े...!!!
L.P.G.गैस सिलेण्डर की भी "एक्सपायरी डेट" होती है।
एक्सपायरी डेट निकलने के बाद गैस सिलेण्डर को इस्तेमाल करना बम की तरह खरतनाक हो सकता है। आमतौर पर गैस सिलेण्डर की रिफील लेते समय उपभोक्ताओं का ध्यान इसके वजन और सील पर ही होता है।
उन्हें सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट की जानकारी ही नहीं होती।
इसी का फायदा एलपीजी की आपूर्ति करने वाली कंपनियां उठाती हैं और धड़ल्ले से एक्पायरी डेट वाले सिलेण्डर रिफील कर हमारे घरों तक पहुंचाती हैं।
यहीं कारण है कि गैस सिलेण्डरों से हादसे होते हैं।
कैसे पता करें एक्सपायरी डेट->
सिलेण्डर के उपरी भाग पर उसे पकड़ने के लिए गोल रिंग होती है और इसके नीचे तीन पट्टियों में से एक पर काले रंग से सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट अंकित होती है। इसके तहत अंग्रेजी में A, B, C तथा D अक्षर अंकित होते है तथा साथ में दो अंक लिखे होते हैं।
A अक्षर साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च),
B साल की दूसरी तिमाही (अप्रेल से जून),
C साल की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर)
तथा
D साल की चौथी तिमाही अर्थात अक्टूबर से दिसंबर को दर्शाते हैं।
इसके बाद लिखे हुए दो अंक एक्सपायरी वर्ष को संकेत करते हैं।
यानि यदि सिलेण्डर पर A 11 लिखा हुआ हो तो सिलेण्डर
की एक्सपायरी मार्च 2011 है। इस सिलेण्डर का "मार्च 2011" के बाद उपयोग करना खतरनाक होता है।
इस प्रकार के सिलेण्डर बम की तरह कभी भी फट सकते हैं।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे इस प्रकार के
एक्सपायर सिलेण्डरों को लेने से मना कर दें तथा आपूर्तिकर्त्ता एजेंसी को इस बारे में सूचित करें !
Note
:  कृपया घरेलू सुरक्षा के मद्देनजर इस पोस्ट को अधिक-अधिक शेयर करें !!

मध्यप्रदेश से 7 रुपया प्रति लीटर सस्ता डीजल


यह तस्वीर है मप्र के पड़ोसी राज्य उप्र की जहाँ, इसी तरह हर जगहों के पेट्रोल पम्पो पर बोर्ड लगे है, मध्यप्रदेश से 7 रुपया प्रति लीटर सस्ता डीजल
    यह स्तिथि मप्र की टेक्स प्रणाली से उत्पन्न हुई है, जहाँ पर पूरे देश में सर्वाधिक वेट् टेक्स बसूला जाता है जिसके कारण खुदरा मूल्यों में इतना अंतर है, एक आशा तथाकथित जी एस टी को लेकर थी जिससे पुरे देश में डीजल पेट्रोल की कीमतें लगभग एक समान रहती, परंतु भाजपा शासित राज्यो के दबाव में केंद्र की मोदी सररकार ने पेट्रोलियम पदार्थों को जी एस टी में शामिल नही किया है इस तरह खुली छूट दे दी है, जनता को लूटने की, जिसमे मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार तो जैसे डीजल पेट्रोल और शराब से प्राप्त राजस्व के ही भरोसे चल रही है।

Wednesday, 1 February 2017

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2017 पेश किया


-नेशनल हाईवे के लिए 64,900 करोड़ रुपए
-एलआईसी में वरिष्ठ नागरिकों को 8 फीसदी ब्याज दर तय
-आईआरसीटीसी के जरिए ट्रेन टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा
-इंटरनेट से रेलवे टिकट बुकिंग सस्ती
-2019 तक सभी ट्रेन में बायो टॉयलेट लगाने का लक्ष्य है
-पर्यटन, तीर्थ के लिए नई ट्रेन शुरू होगी
-स्वच्छ रेल के लिए क्लीम माई कोच योजना शुरू की जाएगी
-राष्ट्रीय रेल सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन
-रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कोष बनाया जाएगा
-रेलवे के लिए 1 लाख, 31 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया गहै
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड बेस्ट स्मार्ट योजना शुरू होगी
-2017 तक कालाजार, 2020 तक खसरा को खत्म करने की योजना
-2025 तक टीबी की बीमारी को खत्म करेंगे
-श्रम कानूनों को सरल बनाया जाएगा
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाए जाएगी
-झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे
-5 स्पेशल टूरिज्म जोन बनाए जाएंगे
-2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी
-गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए दिए जाएंगे
-350 ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत की जाएगी
-2019 में बेघरों को एक करोड़ घर देने का लक्ष्य
-दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 4814 करोड़ खर्च करेंगे
-2022 तक स्किल इंडिया के तहत पांच लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी
-5 साल में तालाबों को ठीक किया जाएगा
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 27 हजार करोड़ खर्च करेंगे
-मनरेगा के लिए अब 48 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव
-मनरेगा के लिए हमने ज्यादा पैसे दिए और ज्यादा खर्च भी हुए
-प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी
-गरीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की सरकार की कोशिश होगी
-सरकार ने भारत में कारोबार करने को और आसान बना दिया है
-नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि दी गई
-नॉर्थ ईस्ट के किसानों को लोन देने में तरजीह दी जाएगी
-देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए नए मिशन
-कृषि विकास दर 4.1 फीसदी रहेगी
-जीएसटी से देश को गति मिलेगी- जेटली
-किसानों की आय पांच साल में दोगुनी होगी
-टैक्स को लेकर ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान
-ग्रामीण क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश की जरूरत
-युवाओं और गरीबों को ज्यादा सुविधाएं देना हमारा लक्ष्य
-खरीब, रबी फसलों की बुआई में बढ़ोतरी हुई
-अच्छी फसल के लिए किसानों को सस्ते कर्ज मुहैया कराना जरूरी
-रेल बजट का आम बजट के साथ विलय ऐतिहासिक
-बजट इसलिए पहले पेश हुआ ताकि पैसे का पूरा इस्तेमाल हो
-नोटबैन से डिजिटल इकॉनोमी में रफ्तार आई-
-पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आ सकती है
-नोटबंदी का असर आनेवाले वित्तीय वर्ष में खत्म हो जाएगा
-विश्व बैंक ने कहा है कि भारत की विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी
-महिला,मजदूर,किसान, पिछड़ों तक विकास पहुंचा है
-नोटबंदी के बाद बहुत ज्यादा पैसा बैंकों में जमा हुआ है
-नोटबंदी के बाद बैंक लोगों के सस्ते लोन दे रहे हैं
-महंगाई दर छह फीसदी से नीचे ले आएं- जेटली
-धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी
-भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा डिसइन्वेस्टमेंट करने वाला देश बना
-दाल का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
-कालेधन से लड़ाई लड़ रहे हैं- जेटली
-सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है
-भारी उम्मीदों के साथ सरकार को जनादेश मिला
-पहली बार महंगाई काबू में आई, कालेधन पर लगाम लगी
-वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया

Railway budget merged

Railway budget merged
No difference between planned and non planned
Increase farmer income by double
In 5 years
Support nabard for computerisation and core banking
Big stimulus to social entrepreneurship
Dedicated micro irrigation fund.
Dairy processing infrastructures fund to be set up by nabard
MNREGA at ₹48000 crores
PMGSY roads construction is 133 kms per day.
Village electrifying process is under way and should complete by target date if may 1, 2018 under Deen Dayal Yojana
1 crore pucca houses by 2019
To remove filariasis by 2018 and halazar dresser by 2017
Educational sector to be reformed and more focus to UGC
Thanks to demonetisation the banks have started to reduce the lending rates
New AIIMS in Jharkhand and Gujarat
Railway budget is ₹1.35 lac crores
Unmanned railway crossings to be eradicated by 2020
500 stations to be disabled friendly.
Service charges on booking from irctc to be withdrawn.
25 big stations to be remodelled
All railway coaches to have bio toilets by 2019
New metro rail policy and new act to be enacted
Stimulus to make india the manufacturing hub for electronics. ₹1.25 lac crores allocated
SMS based clean my coach service
FIPB to be abolished to facilitate FDI
Listing of public sector enterprises to be stepped up
Big time divestment coming through. IRCTC ipo on the way.
Pradhan mantri mudra Yojana allocation at ₹2.44 lacs crores
BHIM app to be boosted more. Adhaar app to be launched soon
₹10000 crores for recapitalisation of PSU banks
Amendments in negotiable instrument act to suit the current need
Chandigarh and 8 districts of Haryana are now kerosene free
Introducing new law to confiscate assets of economic offenders who have escaped country
Capex up by 25.4%
Defence budget ₹2.75 lac crore (excl orop pension)
Total budget allocation ₹21.47 trillion in 2017-18
We are largely a tax non compliant economy
Houses allotted and not occupied will be taxed on notional interest basis
Indexation year is shifted from 1.4.81 to 1.4.01
Capital gains for long term for immovable property is reduced to 2 years from 3 years
Start up rules to be relaxed.
MAT credit to be carried forward to 15 years from current 10 years
Corporate tax rate at 25% for turnover below ₹50 crores. 96% companies to be benefited.
No cash transaction to be allowed above ₹3 lacs
Cash donation limit to charitable trust reduced to ₹2000 from ₹10000
Political funding new system- max cash donation reduced to ₹2000 from ₹20000. Entitled to receive donation in cheque or digitise method. New electoral bonds via RBI. Every political party to file returns in time.
Domestic transfer pricing was brought by 2012, limited only if enjoying specified deduction.
Presumptive income increased to ₹2crore.
40A(3) now at ₹10000
44AD at 6%
Income between 2.5-5 lacs reduced to 5%. 80C limit is held. Others to have a tax benefit of ₹12500.
One page return for assesse below ₹500000. 10% surcharge for income above ₹50lacs to ₹1 crore for individuals.
No tax on income upto ₹300000
GST finalisation done.
CBEC to facilitate implementation on time.
No change in current excise ST and custom & vat rates as gst to be set in soon.

Highlights of Union Budget 2017


Major Highlights of Union Budget 2017:
1. Total Budget of ₹ 21.47 Lakhs crores for 2017-2018.
2. Increase in Direct Tax collection by 34% after demonetisation.
3. Holding period for LTCG for Land & Building reduced to 2 years.
4. Carried forward of MAT Credit for 15 years instead of 10 years.
5. 5% tax exemption for companies having turnover below ₹ 50 crores.
6. 6% presumptive tax for turnover upto ₹ 2 crores.
7. No cash transaction above ₹ 3 Lakhs will be permitted.
8. Maximum Donation receivable from unknown source by pol party will be ₹ 2k.
9. Change in period of limitation for scrutiny assessment.
10. 5 % tax for income below ₹ 5 Lakhs.
11. No tax for income upto ₹ 3 Lakhs.
12. 10% surcharge for assesse income between ₹ 50 Lakhs to ₹ 1 crores.
13. One page Income Tax return proposed.
14. No major changes for Indirect taxes due to GST implementation.

बजट 2016-17 मुख्य बातें


नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लोकसभा में आज पेश 2016-17 के बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
* व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
* देश में कालाधन रखने वालों के लिए कर-कानून अनुपालन के लिए चार माह का अवसर। उन पर लगेगा 45 प्रतिशत का कर और ब्याज।
* 5 लाख रुपये से कम की आय वाले आयकरदाताओं को राहत। धारा 87 एक के तहत छूट की सीमा 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रपये की गई।
* आवास किराये पर कटौती की सीमा 20,000 रुपये से बढ़कर 60,000 रपये हुई।
* पुराने कर मामलों पर एकबारगी विवाद निपटान योजना। जुर्माना, ब्याज नहीं लगेगा।
* राजस्व सचिव की अगुवाई वाली उच्चस्तरीय समिति पिछली तारीख से कर कानून का इस्तेमाल कर सामने आने वाली नई देनदारियों को देखेगी।
* नई विनिर्माण इकाइयों के लिए कारपोरेट कर की दर 25 प्रतिशत तय की गई।
* कोयला, लिग्नाइट और पीट पर स्वच्छ उर्जा उपकर 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति टन किया गया।
* पहला घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के रिण पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती मिलेगी। घर की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
* 2017-18 तक राजकोषीय घाटा सकल घरेल उत्पाद के 3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य।
..2015-16 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.9 प्रतिशत। 2016-17 में यह 3.5 प्रतिशत होगा।
* 2015-16 में राजस्व घाटा 2.8 प्रतिशत।
* 2015-16 में चालू खाते का घाटा 14.4 अरब डालर या जीडीपी के 1.4 प्रतिशत पर।
* विदेशी मुद्रा भंडार 350 अरब डॉलर के अपने उच्चस्तर पर।
* बजट में न बदलाव वाले स्तंभों रेखांकित किया गया। इनमें 2022 तक किसानांे की आय को दोगुना करना, बुनियादी ढांचा, निवेश और सुधार शामिल।
* मनरेगा के लिए अभी तक का सर्वाधिक 38,500 करोड़ रुपये का आवंटन
* डायलिसिस के कुछ उपकरणों पर मूल सीमा शुल्क, उत्पाद सीवीडी की छूट।
* सरकार एक माडल शाप्स और एस्टाब्लिशमेंट विधेयक जारी करेगी। छोटी खुदरा दुकानें सातों दिन खुलेंगी।
* 1 मई, 2018 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण।
* सरकार नई कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल का 8.33 प्रतिशत का ईपीएफ योगदान देगी।
* स्टार्ट अप्स को तीन सल तक 100 प्रतिशत कर छूट। लेकिन मैट की छूट नहीं। मैट अप्रैल 2016-2019 तक लेगा।
* आधार कार्यक्रम को सांविधिक दर्जा।
* बुनियादी ढांचा परिव्यय 2.21 लाख करोड़ रुपये।
* किसान कल्याण के लिए 35,984 करोड़ रुपये। 5 साल में सिंचाई पर 86,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
* नाबार्ड के तहत 20,000 करोड़ रुपये का सिंचाई कोष बनाया जाएगा।
* गरीबों को एलपीजी कनेक्शन के लिए 2,000 करोड़ रुपये। महिलाओं के लिए एमपीजी कनेक्शन की योजना।
* स्टैंड अप इंडिया के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन।
* सड़कों और राजमार्गों के लिए 55,000 करोड़ रुपये का आवंटन। कर मुक्त बांड जारी कर सकता है एनएचएआई।
* गैर सूचीबद्ध कंपनियों के लिए दीर्घावधि का पूंजीगत लाभ तीन से घटाकर दो साल करने का प्रस्ताव।
* स्वच्छ भारत अभियान के लिए 9,000 करोड़ रुपये का आवंटन। 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का लक्ष्य। 50,000 किलोमीटर के राज्य राजमार्गों का उन्नयन।
* गहरे समुद्र और अन्य इस्तेमाल नहीं हुए गहरे स्रोतों से गैस उत्पादन पर प्रोत्साहन।
* एनएचएआई, इरेडा और नाबार्ड जैसी एजेंसियां 31,300 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा बांड जारी करेंगी।
* बीमा, पेंशन, शेयर बाजार, संपत्ति पुनर्गठन कंपनियों में एफडीआई नियमों में और ढील।
* घरेलू स्तर पर बने खाद्य उत्पादों के कारोबार में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति।
* सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुन:पूंजीकरण के लिए 25,000 करोड़ रुपये।
* विनिवेश विभाग का नया नाम निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग।
* रणनीतिक बिक्री के लिए सीपीएसई की पहचान करेगा नीति आयोग।
* सरकारी बैंकों की मजबूती के लिए रूपरेखा को डिजाइन किया जाएगा।
* आईडीबीआई में सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे लाने पर विचार।
* प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना की सुविधा।
* नई योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 30,000 रुपये का अतिरिक्त कवर।
* बैंक-बीमा कंपनियों के दिवालियापन के लिए विशेषीकृत निपटान व्यवस्था उपलब्ध कराने को वृहद संहिता।
* कंपनियों का पंजीकरण एक दिन में करने के लिए कंपनी कानून में संशोधन।
* गार 1 अप्रैल, 2017 से लागू किया जाएगा।
*पवन कुमार सेन कांकेर*
* गैर कानूनी जमा योजनाओं से निपटने के लिए कानून।
* प्रभावी प्रबंधन के स्थान नियमों को एक साल के लिए टाला गया। एनपीएस के मामले में सेवानिवृत्ति के समय 40 प्रतिशत कोष निकाले पर कर छूट।
* सार्वजनिक-निजी-भागीदारी में नई जान फूंकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
* सार्वजनिक सेवाएं (विवाद निपटान) विधेयक पेश होगा। पीपीपी रियायती

Tuesday, 31 January 2017

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं...


बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजनोत्सव की शुभकामनाएँ !!
या कुन्देन्दु- तुषारहार- धवला या शुभ्र- वस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमन्डितकरा या श्वेतपद्मासना
या ब्रह्माच्युत- शंकर- प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा

बसंत पंचमी :- 

माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी से ऋतुओं के राजा बसंत का आरंभ हो जाता है। यह दिन नवीन ऋतु के आगमन का सूचक है। इसीलिए इसे ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रथम दिन माना जाता है। साथ ही यह मां सरस्वती की जयंती का दिन है।
इस दिन से प्रकृति के सौंदर्य में निखार दिखने लगता है। वृक्षों के पुराने पत्ते झड़ जाते हैं और उनमें नए-नए गुलाबी रंग के पल्लव मन को मुग्ध करते हैं। इस दिन को बुद्धि, ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा-आराधना के रूप में मनाया जाता है।

Sunday, 29 January 2017

ॐ (OM)  उच्चारण के 11 शारीरिक लाभ :



ॐ (OM)  उच्चारण के 11 शारीरिक लाभ :
ॐ : ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
अ उ म् ।
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,
"उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,
"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
जानीए
ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...
● *उच्चारण की विधि*
प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं।
01)  *ॐ और थायराॅयडः*
ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
*02)  *ॐ और घबराहटः-*
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।
*03) *..ॐ और तनावः-*
यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
*04)  *ॐ और खून का प्रवाहः-*
यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।
*5)  ॐ और पाचनः-*
ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।
*06)  ॐ लाए स्फूर्तिः-*
इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।
*07)  ॐ और थकान:-*
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।
*08) .ॐ और नींदः-*
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।
*09) .ॐ और फेफड़े:-*
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।
*10)  ॐ और रीढ़ की हड्डी:-*
ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।
*11)  ॐ दूर करे तनावः-*
ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।
आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण करेंगे । साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेगे जिनकी आपको फिक्र है ।
अपना ख्याल रखिये, खुश रहें ।
ॐ : ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
अ उ म् ।
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,
"उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,
"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
जानीए
ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...
● *उच्चारण की विधि*
प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं।
01)  *ॐ और थायराॅयडः*
ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
*02)  *ॐ और घबराहटः-*
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।
*03) *..ॐ और तनावः-*
यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
*04)  *ॐ और खून का प्रवाहः-*
यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।
*5)  ॐ और पाचनः-*
ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।
*06)  ॐ लाए स्फूर्तिः-*
इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।
*07)  ॐ और थकान:-*
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।
*08) .ॐ और नींदः-*
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।
*09) .ॐ और फेफड़े:-*
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।
*10)  ॐ और रीढ़ की हड्डी:-*
ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।
*11)  ॐ दूर करे तनावः-*
ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।
आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण करेंगे । साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेगे जिनकी आपको फिक्र है ।
अपना ख्याल रखिये, खुश रहें ।

Saturday, 28 January 2017

मुखिया का ऐलान



एक बार एक गांव के मुखिया ने ऐलान किया कि गांव के सारे मक़ानों को तोड़कर वो सबके लिए संगमरमर के घर बनाएगा। अगले दिन बुलडोज़र चला और गांव ध्वस्त। कुछ लोग खुश थे कि चलो संगमरमर का घर मिलेगा रहने को।
लेकिन मुखिया के पास न तो संगमरमर था और न ही मिस्त्री। लोग तंबू डालकर रहने लगे। दस दिन बीते, पचास दिन बीते, किसी का घर नहीं बना। लोगों ने जब घुड़की दी तो मुखिया और मोहलत मांगने लगा।
आख़िर में सौ दिन बाद मुखिया  ने सबको कहा कि बाहर धूप में घूमने से विटामिन डी मिलती है। ये स्वास्थ्य के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। हर किसी को विटामिन डी लेनी चाहिए। लोग जैसे ही मक़ान के बारे में पूछते, मुखिया झट से विटामिन डी के फ़ायदे गिनाने लगता। क़िस्सा ख़त्म।
बाकी आप खुद समझदार हैं

मछली का जीवन




एक आदमी समुद्रतट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुककर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फेंक दिया। उसके नजदीक पहुंचने पर आदमी ने उससे पूछा, यह क्या कर रहे हो भाई!' युवक ने जवाब दिया, ' मैं मछलियों को समुद्र में फेंक रहा हूं।' ' लेकिन इन्हें पानी में फेंकने की क्या जरुरत है, 'आदमी बोला। युवक ने कहा, 'ज्वार का पानी उतर रहा है और सूरज की गर्मी बढ़ रही है। अगर मैं इन्हें वापस पानी में नहीं फेंकूंगा तो ये मर जाएंगी।' आदमी ने देखा कि समुद्रतट पर दूर-दूर तक मछलियां बिखरी पड़ी थीं। वह बोला, 'इस मीलों लंबे समुद्रतट पर न जाने कितनी मछलियां पड़ी हुई हैं। इस तरह कुछेक को पानी में वापस डाल देने से तुम्हे क्या मिल जाएगा।!' युवक ने शांति से आदमी की बात सुनी। फिर उसने रेत पर झुक कर एक और मछली उठाई। उसे आहिस्ता से पानी में फेंक कर वह बोला, 'इसे सब कुछ मिल जाएगा।'

खतरनाक सत्य

खतरनाक सत्य

 
"अगर आप रास्ते पे चल रहे है और आपको वहां पड़ी हुई दो पत्थर की मुर्तिया मिले
1) भगवान राम की
और
2)रावण की
और आपको एक मूर्ति उठाने का कहा जाए तो अवश्य आप राम की मूर्ति उठा कर घर लेके जाओगे।
क्यों की राम सत्य , निष्ठा,
सकारात्मकता के प्रतिक हे और रावण नकारात्मकता का प्रतिक हे।
फिरसे आप रास्ते पे चल रहे हो और दो मुर्तिया मिले
राम और रावण की
पर अगर "राम की मूर्ति पत्थर" की और "रावण की सोने "की हो
और एक मूर्ति उठाने को कहा जाए तो आप राम की मूर्ति छोड़ कर  रावण की सोने की मूर्तिही उठाओगे

मतलब
हम सत्य और असत्य,
सकारात्मक और नकारात्मक
अपनी सुविधा और लाभ के अनुसार तय करते हे।

99% प्रतिशत लोग भगवान को सिर्फ लाभ और डर की वजह से पूजते है.

.और इस बात से वह 99% प्रतिशत लोग भी सहमत होंगे मगर शेअर नही करेंगे क्योंकी ...
एक ही डर
               "लोग क्या कहेंगे".
    
          
लोग क्या सोचेंगे  ? 
25 साल की उम्र तक हमें परवाह नहीँ होती कि  "लोग क्या सोचेंगे  ? "
50 साल की उम्र तक इसी डर में जीते हैं  कि  " लोग क्या सोचेंगे  ! "
50 साल के बाद पता चलता है कि      " हमारे बारे में कोई सोच ही नहीँ रहा था ! "
Life is beautiful, enjoy it everyday.
*सबसे बडा रोग...*
*क्या कहेंगे लोग...*

एक आम भारतीय "सवर्ण" या "दलित"...

एक आम भारतीय सुबह जागने के बाद पहले टॉयलेट जाता है,


फिर हाथ धोता है,
दाँत ब्रश करता है,
नहाता है,
कपड़े पहनता है,
अखबार पढता है,
नाश्ता करता है,
काम पर निकल जाता है,
बाहर निकलकर रिक्शा/लोकल बस/ट्रेन या अपनी सवारी से ऑफिस/दुकान पहुँचता है,
वहाँ दिनभर काम करता है,
साथियों के साथ चाय पीता है,
शाम को वापिस घर के लिए निकलता है,
घर के रास्ते में राशन लेता है,
बच्चों के लिए टॉफी,
बीवी के लिए मिठाई वगैरह लेकर,
मोबाइल में रिचार्ज करवाता है,
और अनेक छोटे मोटे काम निपटाते हुए घर पहुँचता है,
अब आप बताइये कि उसे दिन भर में कहीं कोई "सवर्ण" या "दलित" मिला ?
क्या उसने दिन भर में किसी "दलित" पर कोई अत्याचार किया ?
उसको दिन भर में जो मिले वो थे..
अख़बार वाले भैया,
दूध वाले भैया,
रिक्शा वाले भैया,
बस कंडक्टर,
ऑफिस के मित्र,
आंगतुक,
पान वाले भैया,
चाय वाले भैया,
टॉफी की दुकान वाले भैया,
मिठाई की दूकान वाले भैया..
जब ये सब लोग भैया और मित्र हैं तो इनमें "दलित" कहाँ है ?
"क्या दिन भर में उसने किसी से पूछा कि भाई तू "दलित" है या "सवर्ण"
अगर तू "दलित" है तो मैं
तेरी बस में सफ़र नहीं करूँगा,
तुझसे सिगरेट नहीं खरीदूंगा,
तेरे हाथ की चाय नहीं पियूँगा,
तेरी दुकान से टॉफी नहीं लूंगा,
क्या उसने साबुन, दूध, आटा, नमक, कपड़े, जूते, अखबार, टॉफी, मिठाई, दाल, सब्जी खरीदते समय किसी से ये सवाल किया था कि ये सब बनाने/उगाने वाले "सवर्ण" हैं या "दलित" ?
हममें से शायद ही कोई किसी की "जाति" पूछ कर तय करता होगा कि फलाँ आदमी से कैसा व्यवहार करना है,
हम सबके फ़ोन की लिस्ट में या सोशल मीडिया की फ्रेंड लिस्ट में ना जाने कितने "सवर्ण" या "दलित" होंगे..
क्या आज तक किसी ने कभी भी उनकी पोस्ट लाइक करने से पहले या उस पर कमेन्ट करने से पहले उनकी "जाति" पुछा ?
क्या किसी से कभी कहा कि तुम "सवर्ण" हो या "दलित" हो इसलिए मेरी पोस्ट पर लाइक या कमेन्ट मत करना ?
"जब हमारी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में मिलने वाले लोग "सवर्ण" या "दलित" नहीं होते तो फिर क्या वजह है कि "चुनाव" आते ही हम "सवर्ण" या "दलित" बना दिए जाते हैं ?
"जाति" के नाम पर जहरीली राजनीति करने वाले  और देशद्रोही/समाजकंटक पार्टियों को पहचानें और ऐसे राक्षसों को नकारें..
ये "जाति" के नाम पर जहरीली राजनीति करने वाले हम सब हिंदुस्तानीयों को आपस में लड़ाकर "असंगठित" करके हमें गुलाम बनाना चाहते हैं।
      आओ मिलकर बोलें
           !!जय हिन्द!!
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Friday, 27 January 2017

जीत का रहस्य


एक बार एक 10 साल के बच्चे ने यह जानते हुए भी कि  वह अपना बायां हाथ कार दुर्घटना में गंवा चूका था, जूडो की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। उसके जूडो गुरु ने उसकी ट्रेनिंग शुरू कर दी। तीन महीनों तक उसके गुरु उसे सिर्फ एक ही दांव सिखाते रहे। जब उसने गुरु से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उसके लिए यही मूव सीखना काफी है। बच्चे ने गुरु पर भरोसा रखा और सीखता रहा। कुछ समय बाद गुरु उसे जूडो टूर्नामेंट में लेकर गए। वहां सभी मैंच जीतकर वह फाइनल में पहुंच गया। फाइनल मैच मुश्किल था लेकिन बच्चे ने उनमें भी जीत हासिल कर टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। अपनी जीत से वह खुद भी हैरान था। उसने गुरु से जीत का रहस्य जानना चाहा तो गुरु ने बताया कि उसकी जीत के दो कारण थे। पहला यह कि उसने जूडो के सबसे मुश्किल दावों में से एक में महारत हासिल कर ली थी। दूसरा यह कि उस दांव से बचने के लिए विपक्षी को उसका बायां हांथ पकड़ना जरुरी था।

मंत्र : कमजोरी को लेकर शिकायत न करें, बल्कि उसे अपनी ताकत बनाएं।

नेता जी का वादा !

यक्ष प्रश्न

भेड़ों से नेताजी ने वादा किया कि वे हर भेड़ को एक-एक कम्बल देने जा रहे है।
भेड़ों का झुण्ड ख़ुशी से झूम उठा । उनकी हर्ष ध्वनि से आकाश में चहुंओर मिमियाहट गूंजने लगी।
फिर एक मेमने ने धीरे से अपनी माँ से पूछ लिया : ये नेताजी हमारे कम्बलों के लिए ऊन कहाँ से लाने वाले हैं ?
फिर वहां सन्नाटा था ।।
काश कि ये सवाल लोग राजनीतिक दलो से पूछते कि फ्री चीनी, दुध, घी,
मोबाइल फोन, साईकल , बिजली पानी  लेपटॉप आदि कहाँ से ला कर देगें ?

बचपन को जीने दो...

एक तस्वीर, जिसने मंत्री सहित हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया
January 23, 2017

सोशल मीडिया में वायरल एक बच्चे की तस्वीर ने देश के उच्च पदस्थ राजनेताओं सहित हजारों हजार लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं अपने बच्चे को ज्यादा होशियार, स्मार्ट और दूसरों से आगे रखने की चाहत में हम उस पर अत्याचार तो नहीं कर रहे हैं.
हैदराबाद के सुरेन नाम के एक ट्विटर यूजर ने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें एक बच्चा उनींदा सा स्कूल में प्रार्थना की लाइन में खड़ा है और उसकी जेब में अधखाया सा पराठा ठूँसा हुआ दिख रहा है. सुरेन ने इस पोस्ट में एचआरडी मिनिस्ट्री और तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव को टैग करते हुए लिखा, ”जेब में सुबह का ब्रेक फास्ट, अधूरी नींद, स्कूल की टाइमिंग 10 बजे से 5.30 तक क्यों नहीं, कृपया सोचें.”
ट्वीट तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने लिखा, ”मैं आपसे सहमत हूं कि इस तस्वीर ने आपका दिल तोड़ा. बच्चें के लिए बचपन जरुरी है ना कि इस तरह का प्रेशर कूकर जैसा माहौल”.
किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के लिए ये तस्वीर सचमुच दिल दहला देने वाली है. बच्चों का भविष्य (जिसके बारे में कोई नहीं जानता) सुरक्षित करने के चक्कर में हम उनका वर्तमान अर्थात बचपन बर्बाद कर रहे हैं, उनसे छीन रहे हैं. इस सम्बन्ध में सिर्फ नेताओं को ही नहीं, हम अभिभावकों को भी गंभीरता पूर्वक सोचना होगा.

धरती से जुड़े रोचक तथ्य

धरती से जुड़े रोचक तथ्य

1. पृथ्वी के 40 % हिस्से में दुनिया के सिर्फ छ: देश है।
2. पृथ्वी के सारे मनुष्य 1 वर्ग किलोमीटर के घन(cube) में समा सकते है. यदि हम एक वर्ग मीटर में एक व्यक्ति को खड़ा करे तो एक वर्ग किलोमीटर में दस लाख व्यक्ति खड़े हो सकते हैं।
3. चीन का वायु प्रदूषण इतना ज्यादा है कि स्पेस से देखने पर द ग्रेट वाल ऑफ चाइना भी दिखाई नहीं दी।
4. पृथ्वी के स्लो रोटेशन की वजह से 2015 एक सेकंड लंबा था.
5. अगर मनुष्य को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2:00 मिनट तक ही जीवित रहेगा।
6. पृथ्वी पर एक बार सबसे विशाल उल्कापिंड गिरा था। इसका नाम होबा मीटिऑराइट रखा गया था।
7. धरती पर इतना Gold है, जो 1.5 फीट की गहराई तक इसकी पूरी सतह को ढंक सकता है।
8. 12 मील (19 किमी) की ऊंचाई पर प्रेशराइज्ड सूट पहनना जरूरी होता है। वरना मौत हो सकती है।
9. पृथ्वी पर 1 सेकेंड में 100 बार और हर दिन 80.6 लाख बार आकाशीय बिजली गिरती है।
10. धरती पर ताप का स्त्रोत केवल सुर्य नही है. बल्कि धरती का अंदरूनी भाग पिघले हुए पदार्थों से बना है जो लगातार धरती के अंदरूनी ताप स्थिर रखता है. एक अनुमान के अनुसार इस अंदरूनी भाग का तापमान 5000 से 7000 डिगरी सैलसीयस है जो कि सुर्य की सतह के तापमान के बराबर है.
11. अंतरिक्ष में मौजूद कचरे का एक टुकड़ा हर दिन पृथ्वी पर गिरता है। यह अनुमान नासा के वैज्ञानिकों ने लगाया है।
12. क्या आप जानते है कि धरती के सारे महाद्वीप आज से 6.5 करोड़ साल पहले एक दूसरे से जुडे हुए थे. वैज्ञानिको का मानना है कि धरती पर कोई उल्का पिंड गिरने जा फिर निरंतर ज्वालामुखियों और ताकतवर भुकंपों के कारण यह महाद्वीप आपस से अलग होने लगे, इसी कारण धरती से डायनासोरो का अंत हुआ था. पहले जब सभी महाद्वीप जुड़े हुए थे तो ऊपर दिए चित्र की तरह दिखते थे और इसे वैज्ञानको ने पैंजीया नाम दिया है.
13. धरती पर हर रोज 45,00 बादल(मेघ) गरजते है.
14. धरती पर मौजुद हर प्राणी में कार्बन जरूर है.
15. धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है.
16. आज से 450 करोड़ साल पहले, सुर्य मंडल में मंगल के आकार का एक ग्रह था जो कि पृथ्वी के साथ एक ही ग्रहपथ पर सुर्य की परिक्रमा करता था. मगर यह ग्रह किसी कारण धरती से टकराया और एक तो धरती मुड गई और दूसरा इस टक्कर के फलसरूप जो पृथ्वी का हिस्सा अलग हुआ उससे चाँद बन गया.
17. सौर मंडल में पृथ्वी ही एक ऐसी जगह है, जहां पानी सॉलिड, लिक्विड, वेपर रूप में मौजूद है।
18. पृथ्वी का 97 फीसदी पानी खारा है और फ्रेश पानी मात्र 3 प्रतिशत ही है। 90 फीसदी विश्व का कचरा समुद्रों में पहुंचता है।
19. आज भी दुनिया की 748 मिलियन आबादी को पीने के लिए भी साफ पानी नसीब नहीं होता है। लगातार इस्तेमाल होने वाले टॉयलेट में रोज औसतन 200 गैलन पानी का बर्बाद होता है। लीकेज के चलते रोजाना 36 मिलियन गैलन पानी बर्बाद होता है।
20. दुनिया में 40% मौतें पानी, हवा और मिट्टी के प्रदूषण से होती हैं। सिर्फ एयर पॉल्यूशन से हर साल 70 लाख लोगों की मौत हो रही है।
21. दुनिया में रोजाना 1 अरब लोगों को पीने लायक पानी नहीं मिल रहा, जबकि 2 अरब लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। 2050 तक करीब 09 अरब लोग बिना पानी या कम पानी में गुजारा कर रहे होंगे। 2025 तक भारत के करीब 60% भूजल स्रोत पूरी तरह सूख चुके होंगे।
22. समुद्र के एक लीटर पानी के 13 बिलियन हिस्से में एक ग्राम सोना मिला रहता है।
23. पृथ्वी पर 99 फीसदी जीवित प्राणी महासागरों में से हैं 2000 जलीय जीवों की प्रजातियों के बारे में हर साल बताया जाता है।
24. प्रतिवर्ष 10-12 दुघर्टनाओं का कारण शार्क होती हैं। हर साल 100 मिलियन शार्क मारी जाती हैं।
25. यदि पृथ्वी का पूरा जल इकट्ठा किया जाए, तो यह 860 घन किमी के आकार की बॉल बनेगी। यह शनि के बर्फीले चांद टेथी के आकार से अधिक होगी।
26. 3.7 बिलियन मील की दूरी से लिया गया पृथ्वी के फोटो का नाम ‘पेल ब्ल्यू डॉट’ है। अभी तक यह सबसे अधिक दूरी से ली गई धरती की तस्वीर है।
27. 150 बिलियन डॉलर कुल लागत है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की। यह सबसे अधिक खर्चीला प्रोजेक्ट है, जिस पर सबसे ज्यादा राशि खर्च हुई।
28. 106 बिलियन लोग पृथ्वी पर हैं। आगामी वर्ष 2050 में 9.2 बिलियन लोगों की संख्या बढ़ जाएगी।
29. 200,000 लोग पृथ्वी पर हर दिन जन्म लेते हैं। हर सेकंड में दो लोगों की मौत हो रही है।
30. इंसान द्वारा सबसे पुराना धार्मिक स्थल गोबेकली टेप तुर्की में स्थित है। इसका निर्माण 10,000 वर्ष ईसा पूर्व किया गया था।
31. मनुष्य के द्वारा सबसे ज्यादा गहराई तक खोदा जाने वाला गड्ढा 1989 में रूस में खोदा गया था जिसकी गहराई 12.262 किलोमीटर थी.
32. 1953 में जब नेशनल हरीकेन सेंटर की शुरुआत हुई तो उसने सबसे पहले तूफान को जो नाम दिया, वह स्त्री संत का नाम था। 1979 में यह पहला मौका आया जब तूफानों में पुरुष नाम भी शामिल किए गए। अब तूफानों के नाम महिलाओं और पुरुषों दोनों के नाम पर होते हैं।
33. एक दिन 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड का होता है। इतना ही समय पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने में लेती है।
34. माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई समुद्र स्तर से 8850 मीटर है। लेकिन पृथ्वी के केंद्र से अंतरिक्ष की दूरी देखें तो सबसे ऊंचा पर्वत इक्वाडोर का माउंट चिम्बोराजो है। इसकी ऊंचाई 6310 मीटर है।
35. सूरज के अंदर 13 लाख पृथ्वी बराबर तारे समा सकते हैं।
36. ग्लास की एक बोतल को पूरी तरह नष्ट करने में 4 हजार से भी ज्यादा साल लगते हैं।
37. धरती पर हर साल 77 लाख लोगों का बोझ बढ़ जाता है।
38. लगभग हर साल 30,000 बाहरी अंतरिक्ष के पिंड धरती के वायुमंडल मे दाखिल होते है. पर इनमें से ज्यादातर धरती के वायुमंडल के अंदर पहुँचने पर घर्षण के कारण जलने लगते है जिन्हें हम अकसर ‘टूटता तारा’ कहते है.
39. इंसान द्वारा बनाई गईं 22 हजार वस्तुएं अर्थ प्लेनेट पर चक्कर लगा रही हैं।
40. दुनिया में हर साल 5 लाख भूकंप आते हैं। इनमें से एक लाख भूकंप सिर्फ महसूस किए जाते हैं जबकि 100 विनाशकारी होते हैं।

Wednesday, 25 January 2017

सायबर क्राइम के इस नए तरीके से खुद को बचाएं...


*देहरादून में घटी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना*
*ध्यान से पढ़ें और सब को सचेत  करे और खुद ठगी से बचे*.
.
. देश हो  या विदेश - आजकल  ऐसी - ऐसी sophisticated धोखाधड़ी  होने लगी है कि  हमें  सावधान  रहने की  बहुत ज़रूरत है !  अगर  हम  अपने को थोड़ा सा  भी  alert और  logical रखेगे, तो  छोटे- बड़े - हर तरह के धोखे  से बचे  रह  सकते  हैं  !
.यह घटना  हम सब के लिए  एक सीख है :
एक   कूरियर वाला, एक Fake  कूरियर  कम्पनी की  खास स्मार्ट  ड्रेस पहने हुए, cap  वगैरा  लगाए हुए , विनम्रता  से good evening  Sir, good evening  madam कह कर wish  करता हुआ, 3:00  बजे  के लगभग एक  पैकेट लेकर  आया ! door bell  बजी !  दरवाजा खोलने वाले भाईसाहब  मन ही मन, आधे तो उसके अदब  और  get up से impress व खुश  हुए  और  बाकी  पैकेट के सामान  को देखकर खुश  हुए ! हालाकि हम सभी, अपना  कूरियर पैकेट,  delivery boy  को विदा करके ही खोलते है, पर वो delivery boy अलग हट के था ! 
.
कूरियर  पर Sender's name,address , phone no वगैरा कुछ भी न देखकर, भाईसाहब ने पूछा - 'कोई  पता - मोबाइल  वगैरा नही ? कहाँ  से आया है ? '
Delivery  Boy spoke very politely :
.
'सर,  कूरियर  सेन्टर  पे,  पैकेट देने जो अंकल आए  थे, उन्होने कहा कि वे खुद आपको  इस पैकेट  के बारे में  फोन करेगे ! और हाँ, सर,  Sender ने  पैकेट में कुछ सामान  के साथ  Wine bottle  भी  भेजी है ! उसके  बारे में  उन्होने इसलिए कम्पनी को बताया, जिससे  वह टूटे  नहीं  और Carefully  deliver की  जाए ! हम usually wine bottle वगैरा deliver नही करते हैं, लेकिन  कूरियर  chages लेने पर और  भेजने वाले की खास request पे,  हमारा फर्ज बनता है कि deliver करें  ! लेकिन सर, कम्पनी के नियम के तहत, wine  bottle  की safe  delivery पर  257 रू. चार्ज किए  जायेगें  '
.
.
भाईसाहब  और उनकी पत्नी  उस  सलीके से भेजे गए  सुन्दर पैकेट को और उस soft spoken, स्मार्ट कूरियर वाले  को देख कर वैसे ही impressed थे - ऊपर से,  wine की बात सुनकर  मन ही  मन  कुछ चकित, कुछ खुश से हुए  खामोश  रहे ! बस, Confirm  करने के लिए, पैकेट खोल कर देखा, तो वाकई  खूबसूरत सी first class wine bottle  थी ! एक शॉल, एक   English मैगजीन थी ( these two  things were  kept  just to make the parcel  look normal) !
.
.भाई  ने सोचा इतनी मँहगी बोतल के लिए 257 रू देना तो  कुछ भी नही !  वे पर्स में से  कैश निकाल  कर. देने  लगे, तो  कूरियर वाले  ने  अपने उसी  तहज़ीबदार लहज़े  में कहा :
' सर,  as per company rules,  debit card, से  पेमेन्ट  करना होगा क्योकि  मुझे कैश लेने  की  अनुमति नहीं है !  यह सुनते ही  पास  ही खड़ी  पत्नी  ने तुरन्त अपना कार्ड  लाकर, उसे  थमा दिया ! उस  लड़के  ने  अपने बैग से एक portable स्वायप मशीन निकाली  और 257 रू. का पेमेन्ट  ले लिया ! फिर अदब से झुक-झुक के सलाम बजाता हुआ, चला गया !
.
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कुछ  देर बाद, पत्नी के मोबाइल पर,  बैंक से  मैसेज आया :
.
' Your a/c xxxxx4751 is debited INR 1,50,000 on 28-12-2016 at 15: 23:49 A/c Bal is INR 1000 '.
.
She was shocked....
.
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वो  Fake कूरियर वाला
(One lakh fifty thousand) लेकर  जा चुका था !  उस मशीन में ऐसा Software  डाला हुआ था कि  वह  एकाउंट में एक हजार रूपए छोड़कर, सारा पैसा  खींच  लेती थी !
.
.
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सचेत रहिए  कि  कोई फर्ज़ी कूरियर वाला या पोस्टमैन की पोशाक में, जो बाज़ार में  आसानी से मिलती हैं,  कोई  चालबाज़ पैकेट पर,  Fake  address भी लिख के ला सकता है -Convince करने के लिए !
.
.
बस  आपको  एक ही सावधानी रखनी  है कि जब भी कोई  ऐसा Surprise packet आए  और उस पर  delivery man पैसे  भी  माँगे और वो भी  debit card से तो, उसे वापिस कर दे, कूरियर कम्पनी का पता लिख ले ! पता  बताने में ही  पहले  Fake  कूरियर  वाला  आनाकानी  करेगा  ! मान  लीजिए  कोई फर्ज़ी  पता बता  भी  दे,  तो आराम  से  दो -तीन दिन का समय लेकर, confirm करे , यदि  Sender का मोबाइल नम्बर  दिया  हुआ  है , तो  उस   पर फोन करके चैक करे ! उधर  से  या  तो  कोई  बोलेगा  नही या  बोलेगा  तो,  यह  भी सम्भव है कि Smart  cheat ने कोई ऐसा मोबाइल नम्बर कूरियर पे लिखा हो कि उस पर दूसरा  स्मार्ट आदमी बोले और आपको  surprise gift के बारे में convince करे !
.
.
.साथियों, इस  तरह  के  जाल  में फँसने  से  बचे और अपने  को  व  अपने  hard  earn money  को  सुरक्षित  बनाएँ  !

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं...


*सभी कर्मचारी व आम नागरीक इतनी जानकारी जरूर रखें-*
भारत का राष्ट्रीय ध्वज - तिरंगा
भारत का राष्ट्रीय गान - जन-गन-मन
भारत का राष्ट्रीय गीत - वन्दे मातरम्
भारत का राष्ट्रीय चिन्ह - अशोक स्तम्भ
भारत का राष्ट्रीय पंचांग - शक संवत
भारत का राष्ट्रीय वाक्य - सत्यमेव जयते
भारत की राष्ट्रीयता - भारतीयता
भारत की राष्ट्र भाषा - हिंदी
भारत की राष्ट्रीय लिपि - देव नागरी
भारत का राष्ट्रीय ध्वज गीत - हिंद देश
का प्यारा झंडा
भारत का राष्ट्रीय नारा - श्रमेव जयते
भारत की राष्ट्रीय विदेशनीति -गुट निरपेक्ष
भारत का राष्ट्रीय पुरस्कार - भारत रत्न
भारत का राष्ट्रीय सूचना पत्र - श्वेत पत्र
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष - बरगद
भारत की राष्ट्रीय मुद्रा - रूपया
भारत की राष्ट्रीय नदी - गंगा
भारत का राष्ट्रीय पक्षी - मोर

भारत का राष्ट्रीय पशु - बाघ
भारत का राष्ट्रीय फूल - कमल
भारत का राष्ट्रीय फल - आम
भारत की राष्ट्रीय योजना - पञ्च वर्षीय योजना
भारत का राष्ट्रीय खेल - हॉकी
भारत की राष्ट्रीय मिठाई - जलेबी
भारत के राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)
जय हिंद
भारतमाता की जय

शहीद भगत सिंह के बारे में रोचक तथ्य...


भगत सिंह के बारे में रोचक तथ्य
1. बचपन में जब भगत सिंह अपने पिता के साथ खेत में जाते थे तो पूछते थे कि हम जमीन में बंदूक क्यों नही उपजा सकते.
2. जलियावाला बाग हत्याकांड के समय भग़त सिंह की उम्र सिर्फ 12 साल थी। इस घटना ने भगत सिँह को हमेशा के लिए क्रांतिकारी बना दिया.
3. भगत सिंह ने अपने काॅलेज के दिनो में ‘National Youth Organisation‘ की स्थापना की थी.
4. भग़त सिंह शादी नहीं करना चाहते थे। जब उनके माता-पिता उनकी शादी की योजना बना रहे थे, वह घर छोड़कर कानपुर आ गए थे। उन्होनें कहा अब तो आजादी ही मेरी दुल्हन बनेगी.
5. काॅलेज के दिनो में भग़त सिंह एक अच्छे अभिनेता भी थे. उन्होने बहुत से नाटकों में हिस्सा लिया. भग़त सिंह को कुश्ती का भी शौक था.
6. भग़त सिंह एक अच्छे लेखक भी थे वो उर्दू और पंजाबी भाषा में कई अखबारों के लिए नियमित रूप से लिखते थे.

7. भग़त सिंह ने अपना वेश वदलने के लिए अपने बाल कटवा लिए और दाढ़ी भी साफ करवा ली। अंग्रेजो से बचने के लिए ऐसा करना जरूरी था.
8. सेंट्रल असेंबली में भगत सिंह और उनके साथियों ने जो बम फेंके थे, वो निचले स्तर के विस्फोटक से बनाए गए थे, क्योंकि वह किसी को मारना नहीं, बल्कि अपना संदेश देना चाहते थे.
9. हिन्दू-मुस्लिम दंगों से दुःखी होकर भग़त सिंह ने घोषणा की थी कि वह नास्तिक हैं.
10. महात्मा गांधी की अहिंसा की नीतियों से भगत सिंह सहमत नहीं थे. भगत सिंह को लगता था कि बिना हथियार उठाए आजादी नहीं मिल सकती हैं.
11. भग़त सिंह को फिल्में देखना और रसगुल्ले खाना काफी पसंद था। वे राजगुरु और यशपाल के साथ जब भी मौका मिलता था, फिल्म देखने चले जाते थे। चार्ली चैप्लिन की फिल्में बहुत पसंद थीं। इस पर चंद्रशेखर आजाद बहुत गुस्सा होते थे.
12. ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा भग़त सिंह ने दिया था.
13. देश की सरकार भगत सिंह को शहीद नहीं मानती है, जबकि आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले भगत सिंह हर हिन्दुस्तानी के दिल में बसते हैं.
14. भग़त सिंह के जूते, घड़ी और शर्ट आज भी सुरक्षित हैं.
15. भगत सिंह को फांसी की सजा सुनाने वाला न्यायाधीश जी.सी. हिल्टन था.
16. महात्मा गाँधी चाहते तो भगत सिँह की फांसी रूकवा सकते थे. लेकिन उन्होनें ऐसा नही किया.
17. भगत सिंह और उसके साथियों को फाँसी की सजा इसलिए सुनाई गई क्योकिं उन्होनें नेशनल असेम्बली में बम गिराया था.
18. आदेश के मुताबिक भग़त सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 24 मार्च 1931 को फांसी लगाई जानी थी, सुबह करीब 8 बजे. लेकिन 23 मार्च 1931 को ही इन तीनों को देर शाम करीब सात बजे फांसी लगा दी गई और शव रिश्तेदारों को न देकर रातों रात ले जाकर व्यास नदी के किनारे जला दिए गए. अंग्रेजों ने भग़त सिंह और अन्य क्रांतिकारियों की बढ़ती लोकप्रियता और 24 मार्च को होने वाले संभावित विद्रोह की वजह से 23 मार्च को ही भग़त सिंह और अन्य को फांसी दे दी.
19. भग़त सिंह की चिता एक बार नही बल्कि दो बार जलाई गई थी.
20. भगत सिंह की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें गोली मार कर मौत दी जाए। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने उनकी इस इच्छा को भी नज़रअंदाज़ कर दिया.

Sunday, 22 January 2017

Eye opener Message for all intelligent Indians.


Brushing with colgate
Shaving with Gillette
Having a bath with pears
Aftershave with old spice
Wearing jockey underwear
Wearing a Van heusen shirt
Wearing a Levis pant
Eating Maggi and drinking nescafe and Starbucks
Using  a Samsung phone
Wearing a ray ban
Seeing the time on a Casio
Going to a Multinational company  on a honda bike
Using an Apple computer with coke on the side
Finishing lunch at McDonald's
Buying Pizza  for the wife and ordering from Dominos
Brushing with colgate
Shaving with Gillette
Having a bath with pears
Aftershave with old spice
Wearing jockey underwear
Wearing a Van heusen shirt
Wearing a Levis pant
Eating Maggi and drinking nescafe and Starbucks
Using  a Samsung phone
Wearing a ray ban
Seeing the time on a Casio
Going to a Multinational company  on a honda bike
Using an Apple computer with coke on the side
Finishing lunch at McDonald's
Buying Pizza  for the wife and ordering from Dominos
And then asking a question "WHY IS THE INDIAN RUPEE GOING DOWN AGAINST THE DOLLAR "
Eye opener Msg for all intelligent Indians.

Saturday, 21 January 2017

संस्कार खरीदे नहीं जा सकते...


गाँव के कुएँ पर 3 महिलाएँ पानी भर रही थीं।
तभी एक महिला का बेटा वहाँ से गुजरा।

उसकी माँ बोली--- " वो देखो, मेरा बेटा, इंग्लिश मीडियम में है। "


थोड़ी देर बाद दूसरी महिला का पुत्र गुजरा।

उसकी माँ बोली--- " वो देखो मेरा बेटा, सीबीएसई में है। "

तभी तीसरी महिला का पुत्र वहाँ से गुजरा, दुसरे बेटों की तरह ही उसने भी अपनी माँ को देखा और माँ के पास आया।

पानी से भरी गघरी उठाकर उसने अपने कंधे पर रखी, दुसरे हाँथ में भरी हुई बाल्टी सम्हाली और माँ से बोला--- " चल माँ, घर चल। "

उसकी माँ बोली--- " ये सरकारी स्कूल में पढता है। "

उस माँ के चेहरे का आनंद देख बाकी दूसरी दो महिलाओं की नजरें झुक गईं। ☺

उपरोक्त कथा का तात्पर्य सिर्फ यही है कि, लाखों रुपए खर्च करके भी संस्कार नहीं खरीदे जा सकते...!! 

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी सभी परीक्षाओं के लिए...


1 विश्व में सर्वाधिक लवणता किस झील में पायी जाती है?
– वॉन झील में
2. नन्दलाल बोस ने किस क्षेत्र में ख्याति अर्जित की थी?
– चित्रकला
3. भारत में प्रवाहित होने वाली सबसे बड़ी नदी कौनसी है?
– गंगा
4. मुगल बादशाह ने किसे ‘नवाब’ की पदवी प्रदान की थी?
– क्लाइव
5. बौद्ध धर्म में स्तूप किसका प्रतीक है?
– महापरिनिर्वाण
6. अद्वैतवाद सिद्धान्त के प्रतिपादक कौन हैं?
– शंकराचार्य
7. कोलेरू झील किस राज्य में स्थित है?
– आ. प्र.
8. भारतीय संविधान द्वारा भारतीय नागरिकों को कुल कितने मौलिक अधिकार प्रदान किए गए थे?
– 7
9. मुगलों ने नवरोज का त्यौहार कहां से लिया?
– पारसियां से
10. लिंगराज मन्दिर की नींव किसने डाली थी?
– ययाति केसरी ने
11. परमाणु शक्ति संयंत्र किस सिद्धान्त पर काम करता है?
– विखण्डन
12. फ्रांस की बोर्डो बन्दरगाह किस नदी के तट पर स्थित है?
– गेरून
13. फतेहपुर सीकरी किस राज्य में स्थित है?
– उत्तर प्रदेश
14. प्रख्यात सांस्कृतिक केन्द्र ‘भारत भवन’ कहां स्थित है?
– भोपाल में
15. प्रसिद्ध जग मंदिर झील कहाँ स्थित है?
– राजस्थान में
16. शिवाजी के राजनीतिक गुरु एवं संरक्षक कौन थे?
– दादाजी कोण्डदेव
17. प्रख्यात ‘बोरोबुदूर का बौद्ध स्तूप’ कहां स्थित है?
– जावा me
18. ‘भारतीय खनन विद्यालय’ (ISM) कहाँ स्थित है?
– धनबाद
19. भारत की सबसे अधिक नौगम्य दो नदियाँ कौनसी हैं?
– गंगा और ब्रह्मपुत्र
20. रेलवे बजट को सामान्य बजट से किस वर्ष अलग किया गया?
- 1924 में
21. मुगल काल मे किस भाषा को रेख्तां कहा गया है?
– उर्दू
22. अशोक के शिलालेखों की लिपि कैसी है?
– ब्राह्मी
23. रेनेल जलधारा किस महासागर की जलधारा है?
– अटलांटिक महासागर
24. अम्ली घोल का pH का मान क्या होता है?
– 7 से कम
25. दूरदर्शन द्वारा प्रायोजित प्रथम धारावाहिक कौनसा था?
– हम लोग
26. भारत में STD सेवा की शुरुआत किस वर्ष हुई?
– 1960 में
27. चूलिया जल प्रपात किस नदी पर स्थित है?
– चम्बल नदी
28. किसके समय में कंधार हमेशा के लिए मुगलों के हाथ से निकल गया?
– जहाँगीर
29. ‘अन्धा युग’ के लेखक कौन हैं?
– धर्मवीर भारती
30. रेडियो में एस. डब्ल्यू. (S.W.) से तात्पर्य है?
– शॉर्ट वेव
31. उज्जैन किस नदी के किनारे स्थित है?
– क्षिप्रा
32. भारतीय नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त कराने की बात किस अनुच्छेद में कही गई है?
– अनुच्छेद 44
33. विश्व व्यस्क दिवस कब मनाया जाता है?
– 18 नवम्बर
34. ‘चिकित्सक दिवस’ किस दिन मनाया जाता है?
– 1 जुलाई
35. CO2 के विसरण की गति हवा की अपेक्षा कम होती है, क्यों?
– यह हवा से भारी होती है
36. समुद्र में बहिर्विष्ट भूमि क्या कहलाती है?
– प्रायद्वीप
37. ‘आइडल्स’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन हैं?
– सुनील गावस्कर
38. भारत का फ्लाइंग सिख किसे कहा गया है?
– मिल्खा सिंह
39. भारत का सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाला राज्य कौनसा है?
– उत्तर प्रदेश
40. इस्लामी रहस्यवादी आन्दोलन को क्या कहा जाता है?
– सूफी आन्दोलन
41. किसने कहा था– ‘दिल्ली अभी दूर है’?
– निज़ामुद्दीन औलिया
42. हीराकुण्ड बाँध कहां बनाया गया है?
– महानदी पर
43. संसद को भंग करने के लिए कौन सक्षम होता है?
– राष्ट्रपति
44. भरतनाट्यम नृत्य शैली का सम्बन्ध किस राज्य से है?
– तमिलनाडु
45. लोक-नृत्य करने वाले को क्या कहते है?
– लोक-नर्तक
46. जॉर्डन और इजराइल के मध्य कौन-सा सागर है? – मृत सागर
47. शेवराय पहाड़ियाँ कहाँ अवस्थित हैं?
– तमिलनाडु
48. गजलों का जनक किसे कहा जाता है?
– अमीर खुसरो
49. नीरू स्वामी पिल्लई किससे सम्बन्धित हैं?
– नादस्वरम् से
50. उड़ीसा नरेश प्रतापरुद्र किस वैष्णव संत का शिष्य था?
– चैतन्य
51. वनस्पति घी के औद्योगिक उत्पादन में कौन-सी विधि काम में लाई जाती है?
– अपचयन
52. विश्वविख्यात पेंटिंग ‘द लास्ट सपर’ किसकी कृति है?
– विंची
53. जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में अंतिम कौन थे?
– महावीर
54. काकरापार परियोजना किस नदी से सम्बन्धित है?
– ताप्ती
55. राष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रकार से होता है?
– अप्रत्यक्षरूप से
56. पतंजलि का सम्बन्ध किससे है?
– योग दर्शन से
57. हाथी उत्सव कहां मनाया जाता है?
– जयपुर में
58. तत्त्वों के वर्गीकरण के सम्बन्धित ‘अष्ठक नियम’ का प्रतिपादन किसने किया?
– न्यूलैंड्स ने
59. दक्षिण अमेरिका में शीतोष्ण घासस्थलों को क्या कहते हैं?
– पैंपा
60. होयसलेश्वर का प्रसिद्ध मन्दिर कहाँ स्थित है?
– हेलविड
61. प्रसिद्ध एलीफेन्टा गुफाएँ कहाँ स्थित है?
– मुम्बई के समीप
62. मानस वन्य जीव अभयारण्य किस राज्य में स्थित है?
– असोम
63. 1565 ई. में कौन-सा प्रसिद्ध युद्ध हुआ?
– तालिकोटा का युद्ध
64. 2015 के विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल का खिताब किस जोड़ी ने जीता?
– सानिया मिर्जा व मार्टिना हिंगिस
65. स्टॉकहोम और गोटेनबर्ग के मध्य स्थित नहर कौनसी है? – गोटा
66. पंजशीर घाटी कहाँ स्थित है?
– अफगानिस्तान
67. क्षेत्रीय विस्तार और कृषि में महत्व की दृष्टि से भारतीय मिट्टियों के कितने प्रमुख वर्ग हैं?
– 4
68. मुगल काल की राजकीय भाषा क्या थी?
– फारसी
69. विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप 2015 का खिताब किसने जीता?
– नोवाक जोकोविच
70. ब्राह्मी लिपि किस तरह लिखी जाती है?
– बायीं से दायीं ओर
71. सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित नौकायन झील कौनसी है?
– टिटिकाका
72. दूरदर्शन की प्रथम समाचार वाचिका कौन थी?
– प्रतिमा पुरी
73. ‘हार्ट ऑफ इण्डिया’ पुस्तक किसने लिखी है?
– मार्क टुली
74. शब्द संक्षेप U.G.C. का पूर्ण रूप क्य है?
– यूनिवर्सिटी ग्राण्ट कमीशन
75. भारत के कोरोमण्डल तट पर सर्वाधिक वर्षा किस माह होती है?
– अक्टूबर-नवम्बर में
76. प्रतिवर्ष ‘उपभोक्त दिवस’ कब मनाया जाता है?
– 15 मार्च
77. चक्रवात का शान्त क्षेत्र क्या कहलाता है?
– चक्षु
78. राष्ट्रीय पक्षी दिवस कब मनाया जाता है?
– 12 नवम्बर
79. सबसे कम क्षेत्र वाला भारत का पड़ोसी देश कौनसा है?
– भूटान
80. टाइगर वुड का सम्बन्ध किस खेल से है?
– गोल्फ
81. विक्रमशिला शिक्षा केन्द्र के संस्थापक का क्या नाम है?
– धर्मपाल
82. आधुनिक ओलम्पिक खेलों का आयोजन कब हुआ?
– 1896 में
83. वायुमण्डल का सर्वाधिक स्थायी तत्व कौनसा है?
– जलवाष्प
84. अमीर खुसरो का वास्तविक नाम क्या था?
– मुहम्मद हसन
85. हैदराबाद का जुडवाँ नगर कौनसा है?
– सिकन्दराबाद
86. राजस्थान का प्रमुख लोक-नृत्य क्या है?
– घुड़ला
87. मानव द्वारा सर्वप्रथम प्रयुक्त अनाज कौनसा था?
– चावल
88. त्यागराज का नाम किससे सम्बन्धित है?
– कर्नाटक संगीत से
89. सोनोरान मरुस्थल किस देश में स्थित है?
– मैक्सिको
90. पालाधार रघु का सम्बन्ध किस वाद्ययंत्र से है?
– मृदंगम्
91. पाब्लो पिकासो कहाँ का प्रसिद्ध चित्रकार था?
– स्पेन
92. बौध धर्म की किस एक शाखा में मंत्र, हठयोग एवं तांत्रिक आचारों की प्रधानता है?
– हीनयान
93. लोकायत दर्शन के प्रतिपादक कौन हैं?
– चार्वाक
94. ‘ओणम’ किस राज्य का प्रमुख त्यौहार है?
– केरल
95. चौंसठ योगिनी मन्दिर कहां स्थित है?
– खजुराहो में
96. सबसे लम्बी तटीय रेखा वाला राज्य कौनसा है?
– गुजरात
97. कोणार्क का ‘सूर्य मन्दिर’ किस राज्य में है?
– ओडिशा
98. ‘नागानंद’, ‘रत्नावली’ एवं ‘प्रियदर्शिका’ नाटकों के नाटककार कौन थे?
– हर्षवर्धन
99. ‘लेंसडाऊन’ पर्वतीय नगर कहां स्थित है?
– उत्तराखंड में
100. विंबलडन चैंपियन और विश्व की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विलियम्स किस देश से है?
अमेरिका

Tuesday, 17 January 2017

एक सिपाही का खत हम सब के लिए...


सेना अध्यक्ष विपिन रावत कहते हैं कि अगर सैनिकों को कोई परेशानी है तो वो मुझे सुझाव लिखित में भेजें..  लेकिन सर जी हमारे सुझाव और शिकायत आप तक पहुंचने कौन देगा..? 
आप भी यहीं से तो वहां तक पहुंचे हैं...  जब सारे officers एक हो गये तो आप भी उन्हीं का साथ दोगे... मैने ये देखा है tv डिवेट में.... मैं यहाँ भारतीय सेना.. Indian army की बात कर रहा हूँ सिर्फ...  चाहे bsf हो, itbp हो, ssb हो, crpf हो,  सब जगह सैनिकों का शोषण होता है,  शारीरिक तौर पर भी और मानसिक तौर पर भी...  ये कैसे होता है..  मैं आपको बताता हूँ....
(1). अगर सैनिक के घर पर सैनिक के मां बाप बिमार होते हैं, और उस दौरान घर पर उस  सैनिक की जरूरत घरवालों को सेना से ज्यादा होती है तो छुट्टी के लिए जब सैनिक आफिसर के सामने ( interview)  में जाता है तो सवाल जवाब कुछ यूं होते हैं..
आफिसर :- क्या प्रोब्लम है?
जवान :- सर मेरी माँ बिमार है, मुझे छुट्टी चाहिए।
आफिसर :- आपको किसने बताया कि मां बिमार है?
जवान :- सर पापा का फोन आया था।
आफिसर :- तेरा बाप डाक्टर है क्या?
(सोचिये जरा आप भी....)
(2).आफिसर :- ठीक है, तू छुट्टी जा अगर सच में तेरी मां बिमार है तो तू छुट्टी से आने के बाद डाक्टर द्वारा जांच की पर्ची, दवाईयों के बिल,  और क्या इलाज करवाया, सब लेते आना। हमें सपूत चाहिए कि तू सच बोल रहा है या झूठ।
(क्या ये सही है?.. आप ही कहिये)
(3). अगर हमारे मां बाप बिमार होते हैं तो इन से छुट्टी मांगने पर ये कहते हैं कि घर पर तेरे अलावा कोई भाई बहन नहीं है जो देख रेख कर सके। लेकिन अगर इनके मां बाप बिमार होते हैं तो हम में से किसी सिपाही को वहाँ भेज देते हैं उनकी टटी साफ करने के लिए।  क्या ये सही है?
(4). हम अगर सेना के अंदर family member बनते हैं तो हमारी wife को ये और इनकी wife..  family welfare के नाम पर नचवाने के लिए मजबूर कर देते हैं, नहीं नाचती है तो हम सैनिकों को परेशान करते रहते हैं। फिर कहते हैं कि हम आपकी wife को सोशल बना रहे हैं।  मेरी wife ने कई बार इसकी शिकायत की मुझ से लेकिन मैं चुप रहा। मैं कहता हूँ कि जब मुझे नहीं जरूरत की मेरी वाइफ नाचे तो तुम कौन होते हो नचाने और सोशल बनाने वाले । (क्या ये सही है...आप ही कहो)
(5). अगर एक आफिसर को गोली लगती है आपरेशन के दौरान तो वहां तुरंत हेलीकॉप्टर पहुंच जाता है, लेकिन अगर एक सिपाही को गोली लगती है तो 2.5 ton के पीछे डाल देते हैं, जिस कारण नजदीकी मेडिकल सेंटर तक पहुंचते पहुंचते उसकी मौत हो जाती है।
(6). किसी यूनिट का अगर कोई जवान जैसे आज किसी आपरेशन में मर जाता है तो पूरे जवान उस दिन खाना नहीं खा पाते लेकिन अगर आफिसर मैस में पहले से उस दिन पार्टी का आयोजन होना होता है तो वो होता ही है।  कहते हैं हमारे लिए जवान मरा, कुत्ता मरा, बात बराबर है। ऐसी सोच के लिए आप क्या कहेंगे???
(7). यहाँ तक कि अगर एक आफिसर और एक जवान को एक जैसा बुखार या बिमारी हो तो MH में दवाईयों में भी फर्क होता है।  आफिसर को दो दिन में ठीक कर वापस भेज देते हैं जबकि जवान को 10 दिन तक MH में पडाये रखते हैं,  experiment करते रहते हैं।
(8). अगर किसी आफिसर की family members में किसी को खुन कि जरूरत होती है तो ये जवानों का blood group मैच कर उसको by force खुन देने के लिए भिजवाते हैं, चाहे उस जवान की इच्छा हो या ना हो।  और डाक्टर खुन को खुन, जवानों का प्लाज्मा तक निकाल देते हैं।
(9). RR hospital Delhi.. जहाँ एक सैनिक को तब मेडिकल ग्राउंड में रिफर किया जाता है जब उसकी बिमारी नयी या unknown हो।  लेकिन वहाँ जा कर बेचारे सैनिक का इलाज कम, नये नये टेस्ट किये जाते हैं, नयें नौसिखिया डाक्टरों को प्रेक्टीकल के रूप में जवानों की body object के रूप में दि जाती है,  क्योंकि अगर मर भी गया तो उसके घर वालों को 20-25 लाख पकड़ा कर चुप करवा देंगे...  मैं तो कहता हूँ कि अगर कोई सैनिक मिलिट्री डाक्टर के इलाज के दौरान मरता है तो उस सैनिक का पोस्ट मार्टम फिर से उस सैनिक के घर वालों को करना चाहिए,  ताकि ये पता चल सके कि कहीं सैनिक के शरीर के साथ फालतू छेड़छाड़ तो नहीं हुई जिस कारण उसकी मौत हुई हो।
(10). सेना में 60 दिन सालाना अवकाश और 30 दिन अकाससमिक अवकाश का प्रबंध है लेकिन एक युनिट के अंदर सैनिकों की कम मौजूदगी के कारण ये अवकाश मात्र 60 दिन ही मिल पाता है क्योंकि युनिट के आधे सैनिक तो सेवा पर तैनात आफिसर और सेवानिवृत आफिसर के सहायक (नौकर),  कुत्ते घुमाने, इनके मां बाप की सेवा करने,  बीवी के अंडरगारमेट धोने पर लगे होते हैं,  अगर सिपाही ये सब करने से मना करे तो उसके लिए शाररिक,मानसिक और फाइनेंशल दंड तुरंत लगवा देते हैं,  साथ में और भी कई आर्मी एक्ट।  सिपाही बेचारा गरीब घर का,  बुड्ढे मां बाप,  बीवी बच्चों का बोझ लिए चुपचाप सहता आ रहा है ये सब, क्योंकि उसके पास सिर्फ यही नौकरी है।  लेकिन आज जब तेज बाहदूर यादव ने मंगल पांडे बनने का फैसला ले ही लिया है तो हम भी क्यों सच्चाई को दबाते रहें।  देश को और साथ साथ हमारे घरवालों को भी पता चले कि हम पर क्या बीत रही है।।। .. 
(11). जब एक आफिसर और एक जवान दोनों ही मिलिट्री में सेवा दे रहे हैं तो आफिसर की मिलिट्री सर्विस पे 6400 और जवान की 2000 क्यों?..  हैं तो दोनों सैनिक ही..  ये भेदभाव क्यों??
(12). सेना एक पिरामिड की तरह है,  जिसमें सैनिक नीव की ईंट है और जरनल सवोर्च्च भाग...  अगर सैनिक (नीव)  में प्रोब्लम आने लगेगी तो पूरी बिल्डिंग गिरने पर मजबूर हो जायेगी,  और हम सिपाही नहीं चाहते थे कि ऐसा हो, जिस कारण हम चुप बैठे थे लेकिन अब सह पाना मुश्किल सा लगता है।
(13). LOC. पर एक कंमाडिंग आफिसर अपने ACR (ANNUAL CONFIDENTIAL REPORT)  में अपने अच्छे point के लिए 4 आतंकियों के बदले अपने एक जवान को मरवा देता है लेकिन बेचारे के घरवालों को लगता है उनका बेटा शहीद हुआ है।
(14). हम सैनिकों को उतना डर आतंकियों से नहीं लगता जितना कि आफिसर का खौफ होता है, न जाने कौन सी बात पर कौन सा एक्ट लगा दें।
(15). अंत मे मै यही कहना चाहता हूं कि सेना के system में बदलाव होना चाहिए,  क्योंकि ना हम इन आफिसरस के लिए नौकरी कर रहे हैं, ना ये हमारे लिए नौकरी कर रहे हैं, हम सब को मिलकर इस देश के लिए नौकरी करनी चाहिए लेकिन ये तब ही संभव होगा जब सेना से ये भेदभाव मिटेगा, आफिसर साही, तानाशाही मिटेगी...  सरकार से दरख्वास्त है कि कृपा कर के वोट बैंक से उपर आ कर सोचें..  देश के जवानों के बारे में सोचें..
(16). हम जवान अगर किसी कारण वस छुट्टी से 1-2 घंटा लेट हो जाते हैं तो हमारे लिए बिना सोचे समझे क्वाटर गार्ड तैयार मिलता है।  जबकी एक जवान सिमित समय में छुट्टी खतमहोने पर लगभग 1200-1300 किमी ट्रेन से यात्रा करता है, और कभी कभी ट्रेन लेट हो जाती है,  फिर कहते हैं यहाँ मुहर लगवाते, वहाँ मुहर लगवाते।  
बहुत सी और भी खतरनाक और खौफ नाक कमियां हैं सैना में.....  विस्तार करने पर पूरा दिन लग जायेगा,  मैं मिडीया चैनल, न्यूज चैनल से दरख्वास्त करता हूं कि बात विवाद के लिए न्यूज बाक्स में सैना के आफिसर्स को नहीं बल्कि एक सिपाही को बैठा कर पूछें लेकिन याद रहे उस सिपाही को पहले से ही इनके द्वारा हरासमेटं ना कर दिया गया हो कि अगर तुने कुछ और कहा तो देख लेना।
....................................
दोस्तों मेरे द्वारा लिखा ये सच आप ज्यादा से ज्यादा शेयर कर सकते हैं लेकिन कृपा कर मेरा नाम मत लेना।  मेरे भी दो छोटी छोटी लड़कीयां हैं.. .  जिनके लिए मुझे नौकरी तो करनी ही पड़ेगी, सहना तो पडेगा.....  लेकिन कृपया इस मैसेज को जहां तक पहुंचना चाहिए वहां तक जरूर पहुंचा दिजियेगा....  धन्यवाद....  जय हिंद 

सांपों के देश में एक ऐसा नेवला

सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...