एक आदमी समुद्रतट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुककर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फेंक दिया। उसके नजदीक पहुंचने पर आदमी ने उससे पूछा, यह क्या कर रहे हो भाई!' युवक ने जवाब दिया, ' मैं मछलियों को समुद्र में फेंक रहा हूं।' ' लेकिन इन्हें पानी में फेंकने की क्या जरुरत है, 'आदमी बोला। युवक ने कहा, 'ज्वार का पानी उतर रहा है और सूरज की गर्मी बढ़ रही है। अगर मैं इन्हें वापस पानी में नहीं फेंकूंगा तो ये मर जाएंगी।' आदमी ने देखा कि समुद्रतट पर दूर-दूर तक मछलियां बिखरी पड़ी थीं। वह बोला, 'इस मीलों लंबे समुद्रतट पर न जाने कितनी मछलियां पड़ी हुई हैं। इस तरह कुछेक को पानी में वापस डाल देने से तुम्हे क्या मिल जाएगा।!' युवक ने शांति से आदमी की बात सुनी। फिर उसने रेत पर झुक कर एक और मछली उठाई। उसे आहिस्ता से पानी में फेंक कर वह बोला, 'इसे सब कुछ मिल जाएगा।'
Saturday, 28 January 2017
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सांपों के देश में एक ऐसा नेवला
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