Friday, 3 February 2017

L.P.G.गैस सिलेण्डर की भी "एक्सपायरी डेट" होती है...


अपने परिवार की सुरक्षा के लिए 2 मिनिट का समय
निकाल कर इसे अवश्य पढ़े...!!!
L.P.G.गैस सिलेण्डर की भी "एक्सपायरी डेट" होती है।
एक्सपायरी डेट निकलने के बाद गैस सिलेण्डर को इस्तेमाल करना बम की तरह खरतनाक हो सकता है। आमतौर पर गैस सिलेण्डर की रिफील लेते समय उपभोक्ताओं का ध्यान इसके वजन और सील पर ही होता है।
उन्हें सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट की जानकारी ही नहीं होती।
इसी का फायदा एलपीजी की आपूर्ति करने वाली कंपनियां उठाती हैं और धड़ल्ले से एक्पायरी डेट वाले सिलेण्डर रिफील कर हमारे घरों तक पहुंचाती हैं।
यहीं कारण है कि गैस सिलेण्डरों से हादसे होते हैं।
कैसे पता करें एक्सपायरी डेट->
सिलेण्डर के उपरी भाग पर उसे पकड़ने के लिए गोल रिंग होती है और इसके नीचे तीन पट्टियों में से एक पर काले रंग से सिलेण्डर की एक्सपायरी डेट अंकित होती है। इसके तहत अंग्रेजी में A, B, C तथा D अक्षर अंकित होते है तथा साथ में दो अंक लिखे होते हैं।
A अक्षर साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च),
B साल की दूसरी तिमाही (अप्रेल से जून),
C साल की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितम्बर)
तथा
D साल की चौथी तिमाही अर्थात अक्टूबर से दिसंबर को दर्शाते हैं।
इसके बाद लिखे हुए दो अंक एक्सपायरी वर्ष को संकेत करते हैं।
यानि यदि सिलेण्डर पर A 11 लिखा हुआ हो तो सिलेण्डर
की एक्सपायरी मार्च 2011 है। इस सिलेण्डर का "मार्च 2011" के बाद उपयोग करना खतरनाक होता है।
इस प्रकार के सिलेण्डर बम की तरह कभी भी फट सकते हैं।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे इस प्रकार के
एक्सपायर सिलेण्डरों को लेने से मना कर दें तथा आपूर्तिकर्त्ता एजेंसी को इस बारे में सूचित करें !
Note
:  कृपया घरेलू सुरक्षा के मद्देनजर इस पोस्ट को अधिक-अधिक शेयर करें !!

मध्यप्रदेश से 7 रुपया प्रति लीटर सस्ता डीजल


यह तस्वीर है मप्र के पड़ोसी राज्य उप्र की जहाँ, इसी तरह हर जगहों के पेट्रोल पम्पो पर बोर्ड लगे है, मध्यप्रदेश से 7 रुपया प्रति लीटर सस्ता डीजल
    यह स्तिथि मप्र की टेक्स प्रणाली से उत्पन्न हुई है, जहाँ पर पूरे देश में सर्वाधिक वेट् टेक्स बसूला जाता है जिसके कारण खुदरा मूल्यों में इतना अंतर है, एक आशा तथाकथित जी एस टी को लेकर थी जिससे पुरे देश में डीजल पेट्रोल की कीमतें लगभग एक समान रहती, परंतु भाजपा शासित राज्यो के दबाव में केंद्र की मोदी सररकार ने पेट्रोलियम पदार्थों को जी एस टी में शामिल नही किया है इस तरह खुली छूट दे दी है, जनता को लूटने की, जिसमे मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार तो जैसे डीजल पेट्रोल और शराब से प्राप्त राजस्व के ही भरोसे चल रही है।

Wednesday, 1 February 2017

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2017 पेश किया


-नेशनल हाईवे के लिए 64,900 करोड़ रुपए
-एलआईसी में वरिष्ठ नागरिकों को 8 फीसदी ब्याज दर तय
-आईआरसीटीसी के जरिए ट्रेन टिकट की बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा
-इंटरनेट से रेलवे टिकट बुकिंग सस्ती
-2019 तक सभी ट्रेन में बायो टॉयलेट लगाने का लक्ष्य है
-पर्यटन, तीर्थ के लिए नई ट्रेन शुरू होगी
-स्वच्छ रेल के लिए क्लीम माई कोच योजना शुरू की जाएगी
-राष्ट्रीय रेल सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन
-रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कोष बनाया जाएगा
-रेलवे के लिए 1 लाख, 31 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया गहै
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड बेस्ट स्मार्ट योजना शुरू होगी
-2017 तक कालाजार, 2020 तक खसरा को खत्म करने की योजना
-2025 तक टीबी की बीमारी को खत्म करेंगे
-श्रम कानूनों को सरल बनाया जाएगा
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाए जाएगी
-झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनाए जाएंगे
-5 स्पेशल टूरिज्म जोन बनाए जाएंगे
-2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी
-गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए दिए जाएंगे
-350 ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत की जाएगी
-2019 में बेघरों को एक करोड़ घर देने का लक्ष्य
-दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 4814 करोड़ खर्च करेंगे
-2022 तक स्किल इंडिया के तहत पांच लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी
-5 साल में तालाबों को ठीक किया जाएगा
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 27 हजार करोड़ खर्च करेंगे
-मनरेगा के लिए अब 48 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव
-मनरेगा के लिए हमने ज्यादा पैसे दिए और ज्यादा खर्च भी हुए
-प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी
-गरीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की सरकार की कोशिश होगी
-सरकार ने भारत में कारोबार करने को और आसान बना दिया है
-नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि दी गई
-नॉर्थ ईस्ट के किसानों को लोन देने में तरजीह दी जाएगी
-देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए नए मिशन
-कृषि विकास दर 4.1 फीसदी रहेगी
-जीएसटी से देश को गति मिलेगी- जेटली
-किसानों की आय पांच साल में दोगुनी होगी
-टैक्स को लेकर ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान
-ग्रामीण क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश की जरूरत
-युवाओं और गरीबों को ज्यादा सुविधाएं देना हमारा लक्ष्य
-खरीब, रबी फसलों की बुआई में बढ़ोतरी हुई
-अच्छी फसल के लिए किसानों को सस्ते कर्ज मुहैया कराना जरूरी
-रेल बजट का आम बजट के साथ विलय ऐतिहासिक
-बजट इसलिए पहले पेश हुआ ताकि पैसे का पूरा इस्तेमाल हो
-नोटबैन से डिजिटल इकॉनोमी में रफ्तार आई-
-पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आ सकती है
-नोटबंदी का असर आनेवाले वित्तीय वर्ष में खत्म हो जाएगा
-विश्व बैंक ने कहा है कि भारत की विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी
-महिला,मजदूर,किसान, पिछड़ों तक विकास पहुंचा है
-नोटबंदी के बाद बहुत ज्यादा पैसा बैंकों में जमा हुआ है
-नोटबंदी के बाद बैंक लोगों के सस्ते लोन दे रहे हैं
-महंगाई दर छह फीसदी से नीचे ले आएं- जेटली
-धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी
-भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा डिसइन्वेस्टमेंट करने वाला देश बना
-दाल का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
-कालेधन से लड़ाई लड़ रहे हैं- जेटली
-सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है
-भारी उम्मीदों के साथ सरकार को जनादेश मिला
-पहली बार महंगाई काबू में आई, कालेधन पर लगाम लगी
-वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया

Railway budget merged

Railway budget merged
No difference between planned and non planned
Increase farmer income by double
In 5 years
Support nabard for computerisation and core banking
Big stimulus to social entrepreneurship
Dedicated micro irrigation fund.
Dairy processing infrastructures fund to be set up by nabard
MNREGA at ₹48000 crores
PMGSY roads construction is 133 kms per day.
Village electrifying process is under way and should complete by target date if may 1, 2018 under Deen Dayal Yojana
1 crore pucca houses by 2019
To remove filariasis by 2018 and halazar dresser by 2017
Educational sector to be reformed and more focus to UGC
Thanks to demonetisation the banks have started to reduce the lending rates
New AIIMS in Jharkhand and Gujarat
Railway budget is ₹1.35 lac crores
Unmanned railway crossings to be eradicated by 2020
500 stations to be disabled friendly.
Service charges on booking from irctc to be withdrawn.
25 big stations to be remodelled
All railway coaches to have bio toilets by 2019
New metro rail policy and new act to be enacted
Stimulus to make india the manufacturing hub for electronics. ₹1.25 lac crores allocated
SMS based clean my coach service
FIPB to be abolished to facilitate FDI
Listing of public sector enterprises to be stepped up
Big time divestment coming through. IRCTC ipo on the way.
Pradhan mantri mudra Yojana allocation at ₹2.44 lacs crores
BHIM app to be boosted more. Adhaar app to be launched soon
₹10000 crores for recapitalisation of PSU banks
Amendments in negotiable instrument act to suit the current need
Chandigarh and 8 districts of Haryana are now kerosene free
Introducing new law to confiscate assets of economic offenders who have escaped country
Capex up by 25.4%
Defence budget ₹2.75 lac crore (excl orop pension)
Total budget allocation ₹21.47 trillion in 2017-18
We are largely a tax non compliant economy
Houses allotted and not occupied will be taxed on notional interest basis
Indexation year is shifted from 1.4.81 to 1.4.01
Capital gains for long term for immovable property is reduced to 2 years from 3 years
Start up rules to be relaxed.
MAT credit to be carried forward to 15 years from current 10 years
Corporate tax rate at 25% for turnover below ₹50 crores. 96% companies to be benefited.
No cash transaction to be allowed above ₹3 lacs
Cash donation limit to charitable trust reduced to ₹2000 from ₹10000
Political funding new system- max cash donation reduced to ₹2000 from ₹20000. Entitled to receive donation in cheque or digitise method. New electoral bonds via RBI. Every political party to file returns in time.
Domestic transfer pricing was brought by 2012, limited only if enjoying specified deduction.
Presumptive income increased to ₹2crore.
40A(3) now at ₹10000
44AD at 6%
Income between 2.5-5 lacs reduced to 5%. 80C limit is held. Others to have a tax benefit of ₹12500.
One page return for assesse below ₹500000. 10% surcharge for income above ₹50lacs to ₹1 crore for individuals.
No tax on income upto ₹300000
GST finalisation done.
CBEC to facilitate implementation on time.
No change in current excise ST and custom & vat rates as gst to be set in soon.

Highlights of Union Budget 2017


Major Highlights of Union Budget 2017:
1. Total Budget of ₹ 21.47 Lakhs crores for 2017-2018.
2. Increase in Direct Tax collection by 34% after demonetisation.
3. Holding period for LTCG for Land & Building reduced to 2 years.
4. Carried forward of MAT Credit for 15 years instead of 10 years.
5. 5% tax exemption for companies having turnover below ₹ 50 crores.
6. 6% presumptive tax for turnover upto ₹ 2 crores.
7. No cash transaction above ₹ 3 Lakhs will be permitted.
8. Maximum Donation receivable from unknown source by pol party will be ₹ 2k.
9. Change in period of limitation for scrutiny assessment.
10. 5 % tax for income below ₹ 5 Lakhs.
11. No tax for income upto ₹ 3 Lakhs.
12. 10% surcharge for assesse income between ₹ 50 Lakhs to ₹ 1 crores.
13. One page Income Tax return proposed.
14. No major changes for Indirect taxes due to GST implementation.

बजट 2016-17 मुख्य बातें


नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लोकसभा में आज पेश 2016-17 के बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
* व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
* देश में कालाधन रखने वालों के लिए कर-कानून अनुपालन के लिए चार माह का अवसर। उन पर लगेगा 45 प्रतिशत का कर और ब्याज।
* 5 लाख रुपये से कम की आय वाले आयकरदाताओं को राहत। धारा 87 एक के तहत छूट की सीमा 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रपये की गई।
* आवास किराये पर कटौती की सीमा 20,000 रुपये से बढ़कर 60,000 रपये हुई।
* पुराने कर मामलों पर एकबारगी विवाद निपटान योजना। जुर्माना, ब्याज नहीं लगेगा।
* राजस्व सचिव की अगुवाई वाली उच्चस्तरीय समिति पिछली तारीख से कर कानून का इस्तेमाल कर सामने आने वाली नई देनदारियों को देखेगी।
* नई विनिर्माण इकाइयों के लिए कारपोरेट कर की दर 25 प्रतिशत तय की गई।
* कोयला, लिग्नाइट और पीट पर स्वच्छ उर्जा उपकर 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति टन किया गया।
* पहला घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के रिण पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती मिलेगी। घर की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
* 2017-18 तक राजकोषीय घाटा सकल घरेल उत्पाद के 3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य।
..2015-16 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.9 प्रतिशत। 2016-17 में यह 3.5 प्रतिशत होगा।
* 2015-16 में राजस्व घाटा 2.8 प्रतिशत।
* 2015-16 में चालू खाते का घाटा 14.4 अरब डालर या जीडीपी के 1.4 प्रतिशत पर।
* विदेशी मुद्रा भंडार 350 अरब डॉलर के अपने उच्चस्तर पर।
* बजट में न बदलाव वाले स्तंभों रेखांकित किया गया। इनमें 2022 तक किसानांे की आय को दोगुना करना, बुनियादी ढांचा, निवेश और सुधार शामिल।
* मनरेगा के लिए अभी तक का सर्वाधिक 38,500 करोड़ रुपये का आवंटन
* डायलिसिस के कुछ उपकरणों पर मूल सीमा शुल्क, उत्पाद सीवीडी की छूट।
* सरकार एक माडल शाप्स और एस्टाब्लिशमेंट विधेयक जारी करेगी। छोटी खुदरा दुकानें सातों दिन खुलेंगी।
* 1 मई, 2018 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण।
* सरकार नई कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल का 8.33 प्रतिशत का ईपीएफ योगदान देगी।
* स्टार्ट अप्स को तीन सल तक 100 प्रतिशत कर छूट। लेकिन मैट की छूट नहीं। मैट अप्रैल 2016-2019 तक लेगा।
* आधार कार्यक्रम को सांविधिक दर्जा।
* बुनियादी ढांचा परिव्यय 2.21 लाख करोड़ रुपये।
* किसान कल्याण के लिए 35,984 करोड़ रुपये। 5 साल में सिंचाई पर 86,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
* नाबार्ड के तहत 20,000 करोड़ रुपये का सिंचाई कोष बनाया जाएगा।
* गरीबों को एलपीजी कनेक्शन के लिए 2,000 करोड़ रुपये। महिलाओं के लिए एमपीजी कनेक्शन की योजना।
* स्टैंड अप इंडिया के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन।
* सड़कों और राजमार्गों के लिए 55,000 करोड़ रुपये का आवंटन। कर मुक्त बांड जारी कर सकता है एनएचएआई।
* गैर सूचीबद्ध कंपनियों के लिए दीर्घावधि का पूंजीगत लाभ तीन से घटाकर दो साल करने का प्रस्ताव।
* स्वच्छ भारत अभियान के लिए 9,000 करोड़ रुपये का आवंटन। 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का लक्ष्य। 50,000 किलोमीटर के राज्य राजमार्गों का उन्नयन।
* गहरे समुद्र और अन्य इस्तेमाल नहीं हुए गहरे स्रोतों से गैस उत्पादन पर प्रोत्साहन।
* एनएचएआई, इरेडा और नाबार्ड जैसी एजेंसियां 31,300 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा बांड जारी करेंगी।
* बीमा, पेंशन, शेयर बाजार, संपत्ति पुनर्गठन कंपनियों में एफडीआई नियमों में और ढील।
* घरेलू स्तर पर बने खाद्य उत्पादों के कारोबार में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति।
* सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुन:पूंजीकरण के लिए 25,000 करोड़ रुपये।
* विनिवेश विभाग का नया नाम निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग।
* रणनीतिक बिक्री के लिए सीपीएसई की पहचान करेगा नीति आयोग।
* सरकारी बैंकों की मजबूती के लिए रूपरेखा को डिजाइन किया जाएगा।
* आईडीबीआई में सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे लाने पर विचार।
* प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना की सुविधा।
* नई योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 30,000 रुपये का अतिरिक्त कवर।
* बैंक-बीमा कंपनियों के दिवालियापन के लिए विशेषीकृत निपटान व्यवस्था उपलब्ध कराने को वृहद संहिता।
* कंपनियों का पंजीकरण एक दिन में करने के लिए कंपनी कानून में संशोधन।
* गार 1 अप्रैल, 2017 से लागू किया जाएगा।
*पवन कुमार सेन कांकेर*
* गैर कानूनी जमा योजनाओं से निपटने के लिए कानून।
* प्रभावी प्रबंधन के स्थान नियमों को एक साल के लिए टाला गया। एनपीएस के मामले में सेवानिवृत्ति के समय 40 प्रतिशत कोष निकाले पर कर छूट।
* सार्वजनिक-निजी-भागीदारी में नई जान फूंकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
* सार्वजनिक सेवाएं (विवाद निपटान) विधेयक पेश होगा। पीपीपी रियायती

सांपों के देश में एक ऐसा नेवला

सांपों के देश में एक ऐसा नेवला पैदा हो गया, जो सांप तो क्या, किसी भी जानवर से लड़ना नहीं चाहता था। सभी नेवलों में यह बात फैल गई। आखिरकार एक ...