हर बड़े शहर के रेलवे स्टेशन पे एक मुख्य प्लेटफार्म होता है । मुख्य मुख्य गाड़ियां और VIP किस्म की गाड़ियां उसी पे ली जाती है । बनारस में उन दिनों यानि 70 और 80 के दशक में वो 5 no होता था । और उस जमाने में काशी विश्वनाथ और पंजाब मेल जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां यहीं से छूटती थीं ........ 1,2,3,और 4 no छोटी लाइन के प्लेटफार्म हुआ करते थे ।
सो 5 no पे Wheeler का book stor था । उसी पे सर्वोदय साहित्य का भी स्टाल होता था । उसी पे भोजनालय और retiring rooms भी थे । इसी 5 no पे एक सरदार जी का general store हुआ करता था । समय एक सा नहीं रहता । धीरे धीरे छोटी लाइन broad गेज हो गयी । गाड़ियों में 17 की जगह अब 24 डिब्बे लगने लगे सो 5 no छोटा पड़ने लगा । तो अब बड़ी और महत्वपूर्ण गाड़ियां 1 no और 9 no से आने जाने लगीं । बनारस से बन के चलने वाली गाड़ियां सब 1 no या 6 या 9 no से चलने लगी । सो 5 no का धंदा पिट गया । सरदार जी भी अब बूढ़े हो चले हैं । एक दिन मैं कहीं आते जाते उनके stall पे खडा बतियाने लगा ........ हम पुराने दिनों को याद करने लगे । उन्होंने वो दिन याद किया जब कमला पति त्रिपाठी ने काशी विश्वनाथ को हरी झंडी दिखा के रवाना किया । या वो जब इंदिरा जी उसी गाड़ी से बनारस आई थीं ।
अब वो दिन न रहे । न अब वो रौनक है । अजी कंट्रोलर पैसे माँगता है 5 no पे गाडी लगाने के लिए । जी हाँ भ्रष्टाचार इस हद तक है कि बढ़िया गाड़ी लगाने के पैसे लगते हैं ।
***
अटल जी के ज़माने में जो Indian Airlines और Air India profit में थी वो UPA में 40,000 करोड़ के loss में क्यों चली गयी । एक किस्सा सुन लीजिये ।
IA की एक flight शाम 6 बजे लखनऊ दिल्ली मुंबई जाती थी । एकदम फुल्लम फुल ।
फिर एक दिन ऊपर से फरमान आया , और IA की flight 2 बजे और सहारा शाम 6 बजे जाने लगी ........IA पिट गयी और सहारा भर के जाने लगी । उस ज़माने में जब प्रफुल्ल पटेल उड्डयन मंत्री थॆ , चुन चुन के सबसे बढ़िया timings Jet Airways को दिए जाने लगे । इसी तरह अन्य private airlines को आगे बढाया गया AI और IA की कीमत पे । छोटे airports पे जहां parking slots की दिक्कत होती है ....... जान बूझ के Air India की flights को ATC लेट करते जिस से कि प्लेन रनवे के एक कोने पर घंटा घंटा भर खडा रहता ....... passengers लाचार खिड़की से देखते कि Jet की flight आ के चली भी गयी .........
सो 5 no पे Wheeler का book stor था । उसी पे सर्वोदय साहित्य का भी स्टाल होता था । उसी पे भोजनालय और retiring rooms भी थे । इसी 5 no पे एक सरदार जी का general store हुआ करता था । समय एक सा नहीं रहता । धीरे धीरे छोटी लाइन broad गेज हो गयी । गाड़ियों में 17 की जगह अब 24 डिब्बे लगने लगे सो 5 no छोटा पड़ने लगा । तो अब बड़ी और महत्वपूर्ण गाड़ियां 1 no और 9 no से आने जाने लगीं । बनारस से बन के चलने वाली गाड़ियां सब 1 no या 6 या 9 no से चलने लगी । सो 5 no का धंदा पिट गया । सरदार जी भी अब बूढ़े हो चले हैं । एक दिन मैं कहीं आते जाते उनके stall पे खडा बतियाने लगा ........ हम पुराने दिनों को याद करने लगे । उन्होंने वो दिन याद किया जब कमला पति त्रिपाठी ने काशी विश्वनाथ को हरी झंडी दिखा के रवाना किया । या वो जब इंदिरा जी उसी गाड़ी से बनारस आई थीं ।
अब वो दिन न रहे । न अब वो रौनक है । अजी कंट्रोलर पैसे माँगता है 5 no पे गाडी लगाने के लिए । जी हाँ भ्रष्टाचार इस हद तक है कि बढ़िया गाड़ी लगाने के पैसे लगते हैं ।
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अटल जी के ज़माने में जो Indian Airlines और Air India profit में थी वो UPA में 40,000 करोड़ के loss में क्यों चली गयी । एक किस्सा सुन लीजिये ।
IA की एक flight शाम 6 बजे लखनऊ दिल्ली मुंबई जाती थी । एकदम फुल्लम फुल ।
फिर एक दिन ऊपर से फरमान आया , और IA की flight 2 बजे और सहारा शाम 6 बजे जाने लगी ........IA पिट गयी और सहारा भर के जाने लगी । उस ज़माने में जब प्रफुल्ल पटेल उड्डयन मंत्री थॆ , चुन चुन के सबसे बढ़िया timings Jet Airways को दिए जाने लगे । इसी तरह अन्य private airlines को आगे बढाया गया AI और IA की कीमत पे । छोटे airports पे जहां parking slots की दिक्कत होती है ....... जान बूझ के Air India की flights को ATC लेट करते जिस से कि प्लेन रनवे के एक कोने पर घंटा घंटा भर खडा रहता ....... passengers लाचार खिड़की से देखते कि Jet की flight आ के चली भी गयी .........
इसी तरह UPA सरकार में BSNL को मार के Airtel और Idea को बढाया गया ।
इसी तरह DD को मारा गया । उस दिन मैं मंडी हाउस में अड्डेबाजी कर रहा था । वहाँ दूरदर्शन के एक मित्र साथ बैठे थे । उन्होंने बताया कि पहले हम लोग शास्त्री भवन में अनाथ टूअर की तरह बैठे रहते थे crew के साथ और मंत्री हमारी ओर ताकते तक न थे । हमारे सामने ये NDTV वाले और Pvt channels आते तो यही कपिल सिब्बल खुद उठ के बाहर आते थे बरखा दत्त को रिसीव करने ....... जबकि हम DD वाले 3 घंटे से इंतज़ार कर रहे होते ...... पर अब मोदी राज में ये हाल है कि मंत्रालय सबसे पहले हम्को बुलाते हैं । इनको कोई घुसने नहीं देता । PM के विदेश दौरों पे सिर्फ DD का crew जाता है । lok सभा और राज्य सभा TV की TRP NDTV से ऊपर जा रही है ........
इसी तरह DD को मारा गया । उस दिन मैं मंडी हाउस में अड्डेबाजी कर रहा था । वहाँ दूरदर्शन के एक मित्र साथ बैठे थे । उन्होंने बताया कि पहले हम लोग शास्त्री भवन में अनाथ टूअर की तरह बैठे रहते थे crew के साथ और मंत्री हमारी ओर ताकते तक न थे । हमारे सामने ये NDTV वाले और Pvt channels आते तो यही कपिल सिब्बल खुद उठ के बाहर आते थे बरखा दत्त को रिसीव करने ....... जबकि हम DD वाले 3 घंटे से इंतज़ार कर रहे होते ...... पर अब मोदी राज में ये हाल है कि मंत्रालय सबसे पहले हम्को बुलाते हैं । इनको कोई घुसने नहीं देता । PM के विदेश दौरों पे सिर्फ DD का crew जाता है । lok सभा और राज्य सभा TV की TRP NDTV से ऊपर जा रही है ........
वो तमाम सरकारी उपक्रम जिन्हें UPA ने धीमे धीमे मारा वो सब जी उठे हैं और profit में आ रहे हैं ...........

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